Where did Naxalites get weapons from Amit Shah told in Parliament नक्सलियों के पास हथियार कहां से आए? अमित शाह ने संसद में बताया, India News in Hindi - Hindustan
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नक्सलियों के पास हथियार कहां से आए? अमित शाह ने संसद में बताया

शाह ने कहा, ‘मैं पूछना चाहता हूं कि आप अपनी लड़ाई संवैधानिक तरीकों से लड़ेंगे या हाथ में हथियार लेकर निर्दोषों को मार डालेंगे। किस थ्यौरी का यहां से समर्थन हो रहा था। अगर आप धमकाना चाहते हैं कि ये होगा तो ये भी हथियार उठाएंगे।’

Mon, 30 March 2026 07:26 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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नक्सलियों के पास हथियार कहां से आए? अमित शाह ने संसद में बताया

आखिर नक्सलियों के पास हथियार कहां से आए? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर सोमवार को लोकसभा में बोलते हुए इसका जवाब दिया। शाह ने कहा, 'नक्सलियों के पास जो हथियार पकड़े गए हैं उसमें से 92 प्रतिशत हथियार पुलिस से लूटे गए हैं। नक्सलियों ने थाने लूट लिए, गोलियां लूट लीं और इनका इस्तेमाल निर्दोष जवानों, बच्चों और किसानों को मारने के लिए किया गया।' गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलियों का लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है। कई लोग यहां कहते हैं कि वे अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन उनका लड़ने का तरीका क्या है? हम अब ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन में नहीं रह रहे हैं।

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अमित शाह ने कहा कि कुछ लोगों ने तो नक्सलियों भगत सिंह और बिरसा मुंडा से भी जोड़ने की कोशिश की है, जो बेहद दुस्साहस है। आप शहीद भगत सिंह और भगवान बिरसा मुंडा, जो ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ लड़े थे, की तुलना उन लोगों से कर रहे हैं जो संविधान का उल्लंघन करते हैं, हथियार उठाते हैं और निर्दोष लोगों की हत्या करते हैं? ऐसे गंभीर विषयों पर राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठना चाहिए। शाह ने कहा, 'नक्सलियों ने तिलका मांझी को अपना आदर्श नहीं माना, न भगवान बिरसा मुंडा को, न भगत सिंह को और न ही सुभाष बाबू को। फिर वे किसे अपना आदर्श मानते हैं? माओ को। अपने आदर्शों के चयन में भी वे विदेश से आयात पर निर्भर रहते हैं।'

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नक्सलियों की सोच पर क्या बोले अमित शाह

गृह मंत्री शाह ने कहा कि वामपंथी विचारधारा के कारण ये नक्सलवाद फैला है। राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए इंदिरा गांधी ने भी स्वीकार की थी। मनमोहन सिंह जी ने पूरे देश के सामने स्वीकार किया था कि कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट की तुलना में भी देश में आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या माओवादी हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा, '2014 में परिवर्तन हुआ और मोदी जी के शासन में कई सारी वर्षों पुरानी समस्याओं का निराकरण हुआ। धारा 370 हट गई, राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बना, जीएसटी इस देश में आज वास्तविकता बनकर आया है, सीएए का कानून आ गया है, विधायी मंडलों में मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इस तरह कई सारे बड़े काम मोदी जी के नेतृत्व में हुए हैं।'

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नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हम लोकतंत्र में हैं, हमने इस देश की संविधान को स्वीकार किया है। अन्याय किसी को भी हो सकता है, विकास कहीं पर भी कम ज्यादा हो सकता है। शाह ने कहा, 'मैं पूछना चाहता हूं कि आप अपनी लड़ाई संवैधानिक तरीकों से लड़ेंगे या हाथ में हथियार लेकर निर्दोषों को मार डालेंगे। किस थ्यौरी का यहां से समर्थन हो रहा था। अगर आप धमकाना चाहते हैं कि ये होगा तो ये भी हथियार उठाएंगे, वो होगा तो वो भी हथियार उठाएंगे। लेकिन कान खोलकर सुन लीजिए... ये डरने वाली सरकार नहीं है, सभी के साथ न्याय करने वाली सरकार है।