'वकील बनने वाले बताएं, अबतक नक्सलवाद खत्म क्यों नहीं हुआ', किस पर भड़के अमित शाह
अमित शाह ने कहा, 'आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। बस्तर के हर गांव में एक स्कूल स्थापित करने का अभियान चलाया गया। क्षेत्र के हर गांव में राशन की दुकान खोलने का अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं।'

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर संसद में सोमवार को जोरदार भाषण दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद लगभग खत्म हो गया है और अब विकसित हो रहा है। अमित शाह ने कहा, ‘आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। बस्तर के हर गांव में एक स्कूल स्थापित करने का अभियान चलाया गया। क्षेत्र के हर गांव में राशन की दुकान खोलने का अभियान चलाया गया। हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए हैं।’
अमित शाह ने कहा कि लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड जारी किए गए हैं और उन्हें अब 5 किलोग्राम अनाज मिल रहा है। उन्होंने कहा, 'मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो यहां नक्सलवाद की वकालत कर रहे थे, अब तक लोगों को ये सुविधाएं क्यों नहीं मिलीं? बस्तर के लोगों को पीछे छोड़ दिया गया था क्योंकि क्षेत्र पर रेड टेरर की छाया मंडरा रही थी; इसी कारण विकास वहां नहीं पहुंच सका। आज वो छाया हट चुकी है और बस्तर अब विकास के पथ पर अग्रसर है।'
अमित शाह बोले- वो दौर नहीं रहा जब…
गृह मंत्री ने कहा, 'जो लोग सशस्त्र आंदोलन की वकालत कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वे अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं, उनसे मैं पूछता हूं कि क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं? अगर किसी के साथ अन्याय होता है तो अदालतें बनी हुई हैं, विधानसभाएं बनी हुई हैं, जिला परिषदें और तहसीलें गठित की गई हैं। मैं कहना चाहता हूं कि वो दौर अब खत्म हो चुका है। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। जो भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह बनाया जाएगा। इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील है, वह सभी शिकायतों को सुनने को तैयार है और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।'
गृह मंत्री शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर बोलते हुए कहा कि आजादी के 75 सालों में से 60 साल कांग्रेस के पास सत्ता रही, फिर भी आदिवासी समुदाय विकास से वंचित क्यों रहे? उन्होंने कहा कि अब नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही इन क्षेत्रों में असली विकास हो रहा है। कांग्रेस ने 60 साल तक आदिवासियों को घर, साफ पानी, स्कूल नहीं दिए, मोबाइल टावर और बैंकिंग सुविधाएं नहीं पहुंचाईं। अब वही लोग जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।




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