नक्सलियों-माओवादियों ने बस्तर को ही क्यों चुना? अमित शाह ने संसद में बताई वो वजह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर अपनी बात रखी। इस दौरान अमित शाह ने वह वजह भी बताई, जिसके चलते नक्सलियों-माओवादियों ने बस्तर को ही चुना।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर अपनी बात रखी। इस दौरान अमित शाह ने वह वजह भी बताई, जिसके चलते नक्सलियों-माओवादियों ने बस्तर को ही चुना। उन्होंने कहाकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ट्रेड नहीं होने के कारण भोले-भाले आदिवासियों को बहलाया गया। विकास को उस क्षेत्र में वामपंथी उग्रवादियों ने नहीं पहुंचने दिया।
लोकसभा में बोलते हुए अमित शाह ने कहाकि आजादी के बाद के 75 सालों में से 60 साल तक सत्ता आपके (कांग्रेस के) हाथों में रही। तो फिर, आज तक आदिवासी समुदाय विकास से वंचित क्यों रहे? असली विकास तो पीएम नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही हो रहा है। 60 सालों तक आप उन्हें घर या साफ पानी उपलब्ध कराने में नाकाम रहे, आपने उनके लिए कोई स्कूल नहीं बनाया, आपने उनके इलाकों तक मोबाइल टावर और बैंकिंग सुविधाएं पहुंचने से रोकीं, और फिर भी, अब आप ही लोग जवाबदेही की मांग कर रहे हैं?
अब विकास के पथ पर बस्तर
गृहमंत्री ने आगे कहाकि आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है। बस्तर के हर एक गांव में स्कूल खोलने के लिए एक अभियान चलाया गया। इस क्षेत्र के हर गांव में राशन की दुकान खोलने के लिए एक मुहिम शुरू की गई। हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड जारी किए गए हैं। अब उन्हें पांच किलोग्राम अनाज मिल रहा है।
मैं बस उन लोगों से यह पूछना चाहता हूँ जो यहाँ नक्सलवाद की वकालत कर रहे थे, लोगों को अब तक ये लाभ क्यों नहीं मिले?... बस्तर के लोग इसलिए पीछे रह गए क्योंकि इस क्षेत्र पर 'लाल आतंक' का साया मंडरा रहा था इसीलिए विकास उन तक नहीं पहुंच पाया। आज, वह साया हट गया है, और बस्तर अब विकास के पथ पर अग्रसर है।
संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं?
लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहाकि जो लोग एक सशस्त्र आंदोलन के पैरोकार बनकर यह कहते हैं कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, मैं उनसे पूछता हूं क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं? यदि किसी के साथ अन्याय होता है, तो उसके लिए अदालतें स्थापित की गई हैं, विधानसभाएं, जिला परिषदें और तहसीलें गठित की गई हैं। मैं यह कहना चाहता हूँ कि वह दौर अब खत्म हो चुका है।
उन्होंने कहाकि यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। जो कोई भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील है, वह सभी शिकायतों को सुनने के लिए तैयार है और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।




साइन इन