When will the Modi-Trump meeting Sergio Gor responds US Secretary of State to visit India soon कब होगी मोदी-ट्रंप मुलाकात? सर्जियो गोर ने दिया जवाब; जल्द भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री, India News in Hindi - Hindustan
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कब होगी मोदी-ट्रंप मुलाकात? सर्जियो गोर ने दिया जवाब; जल्द भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि जल्द ही प्रधानमंंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत के दौरे पर आने वाले हैं। 

Fri, 20 Feb 2026 02:13 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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कब होगी मोदी-ट्रंप मुलाकात? सर्जियो गोर ने दिया जवाब; जल्द भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री

अमेरिका के पैक्स सिलिका समझौते में भारत के शामिल होने के बाद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात भी हो सकती है। एआई इंपैक्ट समिट से इतर जब पत्रकारों ने उनसे मोदी-ट्रंप मुलाकात पर सवाल किया तो उन्होंने कहा, आप हमारे साथ बने रहिए, दोनो की मुलाकात जरूर होगी। बता दें कि पिछले साल 13 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी वॉशिंगटन के दौरे पर गए थे।

जल्द भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री

सर्जियो गोर ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकीराजद विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले कुछ महीनों में भारत की यात्रा करेंगे। राजदूत ने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होने की संभावना है। गोर ने चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद 'क्वाड' गठबंधन को सदस्य देशों के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण समूह बताया। राजदूत ने नई दिल्ली में 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत और अमेरिका अपने द्विपक्षीय संबंधों को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं।

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बता दें कि भारत अमेरिका की अगुआई वाले गठजोड़ 'पैक्स सिलिका' में शामिल हो गया है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक लचीली आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना है। 'एआई इम्पैक्ट समिट' में आयोजित एक समारोह में गठबंधन में शामिल होने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। गोर ने अपनी टिप्पणी में कहा, ''व्यापार समझौते से लेकर पैक्स सिलिका और रक्षा सहयोग तक, दोनों देशों की साथ काम करने की संभावनाएं वास्तव में असीमित हैं।'

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अमेरिकी राजदूत ने कहा कि पैक्स सिलिका में भारत का प्रवेश केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक कदम है जो द्विपक्षीय संबंधों की समग्र दिशा को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, ''भारत ऐसा देश है जहां प्रतिभा का भंडार है, जो प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देने के लिए काफी है। भारत की इंजीनियरिंग क्षमता इस महत्वपूर्ण गठबंधन के लिए आवश्यक योग्यताएं प्रदान करती है। प्रतिभा के अलावा, भारत ने महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण क्षमता की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की है और हम इसमें भी पूरी तरह से सहभागिता कर रहे हैं।'

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चीन को टेंशन देने वाली है यह डील

गोर ने सुझाव दिया कि अमेरिका पैक्स सिलिका ढांचे के तहत भारत के साथ विश्वसनीय एआई प्रौद्योगिकियां साझा कर सकता है। अमेरिकी उप विदेश मंत्री हेलबर्ग ने गठबंधन में शामिल होने के भारत के फैसले की सराहना की और पैक्स सिलिका को आपूर्ति श्रृंखलाओं में दबाव की रणनीति और ब्लैकमेल के खिलाफ एक पहल बताया, जिसे चीन की ओर एक स्पष्ट इशारा माना जा रहा है।

घोषणापत्र में कच्चे माल से लेकर सेमीकंडक्टर और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर तक, आपूर्ति श्रृंखलाओं में गहन आर्थिक और तकनीकी सहयोग की एक साझा दृष्टि तथा पारस्परिक समृद्धि एवं सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया है। पैक्स सिलिका के सदस्य देशों में ऑस्ट्रेलिया, यूनान, इजराइल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन शामिल हैं।