America gave an ultimatum so Iran also told about its plan of destruction अमेरिका ने दिया अल्टीमेटम, ईरान ने भी बताया तबाही का प्लान; बताया कैसे देगा चोट, International Hindi News - Hindustan
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अमेरिका ने दिया अल्टीमेटम, ईरान ने भी बताया तबाही का प्लान; बताया कैसे देगा चोट

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई उस धमकी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने परमाणु मुद्दे पर अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए 'अधिकतम 10-15 दिन' का समय दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहते हैं, तो 'बुरी चीजें' होंगी।

Fri, 20 Feb 2026 01:02 PMNisarg Dixit वार्ता
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अमेरिका ने दिया अल्टीमेटम, ईरान ने भी बताया तबाही का प्लान; बताया कैसे देगा चोट

ईरान ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपनी सैन्य धमकियों पर अमल करता है, तो अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों पर ईरानी हमले 'वैध' होंगे। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरवानी ने पत्र में कहा कि ईरान किसी भी हमले का 'निर्णायक' जवाब देगा। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में सैन्य आक्रामकता के गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दी।

यह घटनाक्रम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई उस धमकी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने परमाणु मुद्दे पर अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए 'अधिकतम 10-15 दिन' का समय दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहते हैं, तो 'बुरी चीजें' होंगी।

UN में उठाया मुद्दा

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने भी ट्रंप के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह 'सैन्य आक्रामकता के वास्तविक खतरे का संकेत है', हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है। पत्र में चेतावनी दी गयी कि 'किसी भी अप्रत्याशित और अनियंत्रित परिणाम के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका पूर्ण और प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार होगा।'

बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य तैनाती पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने संवाददाताओं से कहा, "महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, अन्य लोगों की तरह, सैन्य जमावड़े, युद्धाभ्यास और चल रहे प्रशिक्षण को लेकर बहुत चिंतित हैं। इसीलिए हम ईरान और अमेरिका दोनों को ओमान की मध्यस्थता में अपनी चर्चा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।"

दो दौर की बातचीत हो चुकी है

ईरानी परमाणु कार्यक्रम पर ईरान-अमेरिका वार्ता का दूसरा दौर 17 फरवरी को जिनेवा में ओमान की मध्यस्थता में संपन्न हुआ। वार्ता के बाद, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इसमें प्रगति हुई है और ईरान तथा अमेरिका अब उन मसौदों पर काम करेंगे, जो एक संभावित समझौते का आधार बन सकते हैं।

ट्रंप दे रहे हैं धमकियां

ट्रंप ने अपने तेवर और कड़े कर लिए हैं। उन्होंने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर लिखा है कि यदि ईरान समझौता नहीं करने का फैसला करता है, तो अमेरिका को चागोस द्वीप समूह में हिंद महासागर एयरबेस का उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है। उल्लेखनीय है कि हिंद महासागर में चागोस द्वीप समूह पर अमेरिका सैन्य ठिकाना है।

बातचीत का पिछला प्रयास पिछले साल तब विफल हो गया था, जब इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इसके बाद 12 दिनों तक चले युद्ध में अमेरिका भी शामिल हो गया था और उसने फोर्डो, नतांज़ और इस्फहान में तीन ईरानी परमाणु स्थलों पर बमबारी की थी। ट्रंप ने जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर ईरानी कार्रवाई के बाद सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी।

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ईरान का पलटवार

ईरान ने इसके जवाब में खाड़ी से निर्यात किये जाने वाले तेल के लिए महत्वपूर्ण मार्ग, 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को बंद करने की धमकी दी थी और चेतावनी दी थी कि वह क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है।

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