What Sumitra Mahajan says on Women Reservation favors delimitation महिला आरक्षण बिल पर क्या बोलीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, परिसीमन पर कही यह बात, India News in Hindi - Hindustan
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महिला आरक्षण बिल पर क्या बोलीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, परिसीमन पर कही यह बात

महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में चल रही बहस के बीच पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का बयान आया है। सुमित्रा महाजन ने कहाकि महिला आरक्षण विधेयक साल 2023 में पास हो चुका है। अब इसको लागू किए जाने का समय आ चुका है।

Fri, 17 April 2026 05:46 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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महिला आरक्षण बिल पर क्या बोलीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, परिसीमन पर कही यह बात

महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में चल रही बहस के बीच पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का बयान आया है। सुमित्रा महाजन ने कहाकि महिला आरक्षण विधेयक साल 2023 में पास हो चुका है। अब इसको लागू किए जाने का समय आ चुका है। उन्होंने आगे कहाकि अब सवाल यह उठता है कि आप इसे 2011 के आधार पर लागू करेंगे या फिर 2026 के आधार पर। सुमित्रा महाजन ने इस दौरान विपक्ष पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहाकि यह बिल लागू होना चाहिए, इसको लेकर विपक्ष इतना परेशान क्यों है।

इंदौर में वोटरों की संख्या पर क्या कहा
सुमित्रा महाजन ने आगे तर्क दिया कि इंदौर में वोटरों की संख्या 25 से 30 लाख पहुंच चुकी है। ऐसे में क्या परिसीमन नहीं होना चाहिए? पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने कहाकि इस मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर आप इसे किसी भी जनगणना के आधार पर करते हैं, तो इसमें क्या गलत है? 10 साल में दूसरी जनगणना होगी। यह एक प्रक्रिया है...अगर इसके खिलाफ कोई विरोध न हो तो यह बेहतर होगा। मुझे विश्वास है कि सभी मिलकर आएंगे और बिल पास करेंगे।

पीएम मोदी की तारीफ
इससे पहले गुरुवार को सुमित्रा महाजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। उन्होंने कहाकि वह महिला आरक्षण बिल लागू करने के लिए पीएम मोदी का समर्थन करती हैं। महाजन ने कहाकि देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो वही करता है जो वह कहता है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने गुरुवार को कहाकि लोकसभा में दो मुद्दे सामने आए हैं. महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही पारित हो गया था, लेकिन इसे लागू करना होगा। इसलिए आज जो संविधान संशोधन आया है, वह यह सुनिश्चित करने के लिए है कि इसे आगामी लोकसभा चुनावों में लागू किया जाए... मुझे खुशी है कि संसद में चर्चा हो रही है। चर्चा होनी चाहिए, निर्णय लिया जाना चाहिए।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप
गौरतलब है कि महिला आरक्षण अधिनियम लागू करने को लेकर भाजपा और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा हैं। जहां, सत्ताधारी पार्टी ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया, वहीं, विपक्ष ने कहाकि सरकार कानून पर अधिसूचना जारी करने को लेकर सो रही थी। विपक्षी पार्टियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण का इस्तेमाल गैर-संवैधानिक परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कर रही है। गौरतलब है कि महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 को गुरुवार रात को अधिसूचित किया गया।

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एक अधिकारी ने बताया कि कानून को लागू करना जरूरी था क्योंकि इसके बिना इसका प्रस्तावित संशोधन लागू नहीं होता। संविधान संशोधन विधेयक कानून तो बन गया लेकिन संविधान का हिस्सा नहीं बना क्योंकि सरकार ने इसे लागू नहीं किया था। अधिकारी ने कहा कि अगर कोई कानून लागू नहीं होता है, तो उसमें प्रस्तावित संशोधन कैसे लागू किया जा सकता है, इसलिए इसे 16 अप्रैल से लागू किया गया। साल 2023 में पारित अधिनियम को 16 अप्रैल से अधिसूचित किया गया था, जब लोकसभा में इसी कानून में संशोधन करने के लिए चर्चा चल रही है।