बीजेपी ने सीता जी को भी भुला दिया; दम है तो दें 50% आरक्षण; लोकसभा में सरकार पर बरसे कल्याण बनर्जी
Nari Shakti Vandan Adhiniyam: नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि अगर सरकार मेंदम है तो महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दें। हम समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने तो सीता जी को भी भुला दिया।

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम और परिसीमान विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वोटिंग हुई नहीं है तो महिला आरक्षण अधिनियम की अधिसूचना कैसे जारी कर दी गई। वहीं परिसीमन को लेकर कांग्रेस ने कहा कि जनगणना से पहले परिसीमन लागू करना केवल संविधान को कमजोर करना है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने महिला आरक्षण कानून पर बोलते हुए कहा कि स्पीकर का पद महिला के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए।
आपने तो सीता जी को ही भुला दिया- कल्याण बनर्जी
उन्होंने कहा, कैबिनेट में 50 फीसदी महिला का आरक्षण तय हो। लोकसभा सीटों के लिए भी प्रतिशत का कोटा तय होना चाहिए। उन्होंने कहा, हम लोग दुर्गा जी की पूजा करते हैं, जिनकी भगवान राम ने भी आराधना की थी। यहां तक कि आप जय श्री राम बोलते हैं, जबकि हम जय सिया राम बोलते हैं। इस तरह आपने तो सीता जी को ही भुला दिया।
उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पर चर्चा में भाग लेते हुए यह दावा किया कि भाजपा के भीतर महिलाओं का सम्मान नहीं है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने महिलाओं को लोकसभा में 39 प्रतिशत और राज्यसभा में 46 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया है।
पीएम मोदी बदलने लगते हैं खेल
बनर्जी ने कहा, 'प्रधानमंत्री को जैसे ही लगता है कि अगला चुनाव हार रहे हैं तो खेल के नियम बदल देते हैं। इसीलिए यह विधेयक लाए हैं।' बनर्जी ने दावा किया, ''महिलाओं का नाम लेना एक साजिश है। असली मकसद कुछ और है।' उन्होंने सत्तापक्ष को चुनौती देते हुए कहा, '543 में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं को आरक्षित कर दीजिए। हम समर्थन करने के लिए तैयार हैं।' उनका कहना था, 'सरकार की ऐसा करने की हिम्मत नहीं है।'
बनर्जी ने सदन को बताया कि तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा के कुल 29 सदस्यों में से 11 महिलाएं और राज्यसभा के 13 सदस्यों में छह महिलाएं हैं। लोकसभा सदस्य ने कहा, 'शुरुआत अपने घर से होती है।'' उन्होंने कहा कि सरकार मूल विधेयक को लागू किए बिना संशोधन विधेयक लेकर आ गई और जब किसी ने त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया के बारे में बताया तो गुरुवार रात मूल कानून को लागू करने की अधिसूचन जारी कर दी गई।
बनर्जी ने कहा, 'कैबिनेट में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होनी चाहिए। क्रमानुसार प्रधानमंत्री पद भी महिलाओं के लिए आरक्षित होना चाहिए। वैसे भी प्रधानमंत्री मोदी अगली बार पद पर नहीं रहने वाले।' उन्होंने कहा, 'मैं (लोकसभा अध्यक्ष ओम) बिरला जी का बहुत सम्मान करता हूं, वह बहुत अच्छे आदमी हैं। लेकिन भाजपा अगले लोकसभा चुनाव में सत्ता में नहीं आएगी, ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष का पद भी महिला के लिए आरक्षित होना चाहिए।''




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