What is the meaning of Floccinaucinihilipilificationn delhi Rouse Avenue Court Nirmala Sitharaman Floccinaucinihilipilificationn; निर्मला सीतारमण के खिलाफ याचिका पर बोला कोर्ट, क्या मतलब, India News in Hindi - Hindustan
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Floccinaucinihilipilificationn; निर्मला सीतारमण के खिलाफ याचिका पर बोला कोर्ट, क्या मतलब

Floccinaucinihilipilificationn: अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल की अदालत ने कहा कि उन्हें मामले में आगे कार्यवाही करने का कोई आधार नजर नहीं आता, इसलिए संज्ञान लेने से इनकार किया जाता है। साथ ही शिकायत खारिज की जाती है।

Thu, 2 April 2026 09:26 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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Floccinaucinihilipilificationn; निर्मला सीतारमण के खिलाफ याचिका पर बोला कोर्ट, क्या मतलब

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत खारिज कर दी। यह शिकायत आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा की तरफ से दाखिल की गई थी। खास बात है कि इस दौरान अदालत ने अंग्रेजी के शब्द 'Floccinaucinihilipilificationn' का भी इस्तेमाल किया है। समझते हैं कि इसका मतलब आखिर क्या है।

क्या है Floccinaucinihilipilificationn का मतलब

लाइव लॉ के अनुसार, कोर्ट ने कहा, 'यह शब्द है floccinaucinihilipilification, जिसका मतलब होता है, कोई ऐसी चीज जिसकी कोई कीमत न हो या जो बेकार हो। यह शिकायत और कुछ नहीं बल्कि वही शब्द है, जहां एक बेकार और बिना मतलब की बात को बहुत ज्यादा खींचा गया है।'

इस शब्द को (Flok-si-naw-si-ni-hi-li-pi-li-fi-kay-shun) ऐसे पढ़ा जा सकता है।

कोर्ट की कार्यवाही

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल की अदालत ने कहा कि उन्हें मामले में आगे कार्यवाही करने का कोई आधार नजर नहीं आता, इसलिए संज्ञान लेने से इनकार किया जाता है। साथ ही शिकायत खारिज की जाती है। अदालत ने कहा कि चुनावी माहौल में दिए गए राजनीतिक बयान को हर हाल में अपराध नहीं माना जा सकता।

यह भी कहा गया कि जब एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी अपने विरोधी उम्मीदवार के खिलाफ कुछ संभावित स्थितियां या तथ्य पेश करता है, तो उसे मानहानि नहीं कहा जा सकता।

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कोर्ट ने कहा कि संबंधित प्रेसवार्ता का स्वर और संदर्भ पूरी तरह राजनीतिक था और उसमें शिकायतकर्ता की व्यक्तिगत छवि पर सीधा हमला नहीं किया गया। अदालत ने पूरे रिकॉर्ड और प्रेसवार्ता के ट्रांसक्रिप्ट का विश्लेषण करने के बाद पाया कि बयान मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी और विपक्षी गठबंधन पर राजनीतिक हमला था। इसमें शिकायतकर्ता का नाम तक नहीं लिया गया और न ही उनके खिलाफ कोई स्वतंत्र आरोप लगाया गया। अदालत ने शिकायत को मूल्यहीन करार देते हुए कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया कोई अपराध नहीं बनता है।

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कोर्ट ने कहा कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मकसद मीडिया और जनता को यह दिखाना था कि आम आदमी पार्टी (AAP) और INDIA गठबंधन उन लोगों से जुड़े हैं, जिन पर महिलाओं के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। साथ ही, इसमें ऐसी कोई नई बात नहीं कही गई जो मित्रा पहले ही न कह चुकी हों। मामला साल 2024 में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही गईं बातों से जुड़ा हुआ है।

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छवि को धूमिल करने का था आरोप

लिपिका ने शिकायत में दावा किया गया था कि निर्मला ने 17 मई 2024 को एक प्रेसवार्ता में सोमनाथ की छवि व प्रतिष्ठा को धूमिल करने और आम चुनावों में जीत की संभावनाओं को कमजोर करने के इरादे से मानहानिकारक, झूठे और दुर्भावनापूर्ण बयान दिए थे।