ज्ञानेश कुमार से पूछा गया महाभियोग पर सवाल, क्या रहा रिएक्शन; 193 विपक्षी सांसदों ने किए हैं साइन
विवार को पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस महाभियोग नोटिस पर सवाल किया गया, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी करने से परहेज किया और चुप्पी साध ली।

भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के स्तंभ चुनाव आयोग के प्रमुख मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने बड़ा कदम उठाया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों ( लोकसभा और राज्यसभा ) में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए ( 193 सांसद) महाभियोग का नोटिस सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पहला महाभियोग प्रस्ताव माना जा रहा है। रविवार को पहली बार चुनाव आयुक्त से महाभियोग को लेकर सवाल किया गया। आइये जानते हैं कि उनका रियेक्शन कैसा रहा और उन्होंने क्या जवाब दिया।
दरअसल, विपक्ष ने नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त पर पक्षपातपूर्ण आचरण, मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताएं, बड़े पैमाने पर मतदाताओं को वंचित करने और चुनावी धांधली की जांच में बाधा डालने जैसे 7 गंभीर आरोप लगाए हैं। खासकर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम काटने की प्रक्रिया को लेकर विवाद तेज है।
रविवार को पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से महाभियोग नोटिस पर सवाल किया गया, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी करने से परहेज किया और चुप्पी साध ली। एक तरह से कहा जाए तो वे कुछ भी कहने से बचते रहे। ऐसा नहीं है कि वे पहली बार इस तरह के सवालों के जवाब देने बचे। पहले भी सियासी आरोप-प्रत्यारोप वाले सवालों का जवाब देने से सीधे तौर बचते रहे हैं और चुप्पी साध ली है।
इससे पहले चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा की कुल 824 सीटों के लिए आम चुनाव नौ अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच कराने की घोषणा की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि असम की 126 सीटों, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए एक चरण में चुनाव नौ अप्रैल को कराया जायेगा। तमिलनाडु की 234 सीटों पर मतदान एक चरण में 23 अप्रैल को होगा। पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को कराये जायेंगे। राज्य की कुल 294 सीटों में से पहले चरण में 152 सीटों के लिए और दूसरे चरण में 142 सीटों के लिए चुनाव होगा।
इन सभी राज्यों और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव की मतगणना चार मई को करायी जायेगी। चुनावों की घोषणा के साथ ही इन राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है। चुनाव आयुक्त ने बताया कि चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 17.4 करोड़ मतदाताओं के लिए करीब 2.19 मतदान केंद्र बनाये जा रहे हैं। चुनाव कार्य के लिए आयोग ने लगभग 25 लाख चुनावकर्मियों को लगाने की घोषणा की है ताकि मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से कराये जा सकें। उन्होंने कहा कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा आयोग ने इन राज्यों का दौरा कर वहां के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों, राज्यों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद किया है।
ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि आयोग प्रत्येक मतदाता का मतदान केंद्र पर स्वागत करने के लिए तैयार है। हम खासकर पहली बार वोट डालने वाले और युवा मतदाताओं से अपील करते हैं कि वे अपने मताधिकार का उत्साह, आत्म सम्मान और विवेक के साथ प्रयोग कर लोकतंत्र में अपनी जिम्मेदारी निभायें।




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