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पिछली बार 8, लेकिन इस बार सिर्फ दो फेज में बंगाल में चुनाव; 5 साल में कैसे बदले हालात

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के लिए विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग की घोषणा की सबसे खास बात यह है कि इस बार यहां पर दो ही चरणों में चुनाव हो रहे हैं। यह पहली बार है जब बंगाल में दो चरणों में चुनाव होंगे।

Sun, 15 March 2026 06:15 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पिछली बार 8, लेकिन इस बार सिर्फ दो फेज में बंगाल में चुनाव; 5 साल में कैसे बदले हालात

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के लिए विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग की घोषणा की सबसे खास बात यह है कि इस बार यहां पर दो ही चरणों में चुनाव हो रहे हैं। यह पहली बार है जब बंगाल में दो चरणों में चुनाव होंगे। चुनाव आयोग के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। अभी तक के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की बात करें तो 2011 तक यह कम से कम पांच चरणों में संपन्न होता रहा। वहीं, 2021 के विधानसभा चुनाव में बंगाल में आठ चरणों में वोट डाले गए थे। पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, जहां तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी 2011 से सत्ता में हैं।

बंगाल के विपक्षी दलों ने लगाई थी गुहार
बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल में केवल दो चरणों में चुनाव कराए जाने के फैसले के पीछे पश्चिम बंगाल के विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग से लगाई गई गुहार है। 9 मार्च को चुनाव आयोग से मीटिंग के दौरान बंगाल में विपक्षी दलों ने आयोग से तीन से कम चरणों में चुनाव कराए जाने की अपील की थी। उस वक्त भारतीय जनता दल के डेलिगेशन ने प्रस्ताव रखा था कि चुनाव एक ही चरण या अधिक से अधिक दो चरण में कराया जाय। भाजपा ने छह हफ्तों तक सात या आठ फेज में चुनाव कराए जाने को सही नहीं बताया था।

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हिंसा रहित चुनाव की मांग
इसके साथ ही भाजपा ने चुनाव आयोग से राज्य में हिंसा-रहित चुनाव सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया था। उसने चुनाव आयोग को 16-बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा, जिसमें सुरक्षा व्यवस्थाओं से संबंधित चिंताओं सहित विभिन्न मुद्दे उठाए गए। इसी बीच, सीपीआई(एम) ने भी चुनाव एक चरण में कराने की मांग की। पार्टी का कहना था कि कई चरणों में मतदान कराने से निर्वाचन क्षेत्रों के बीच विरोधी सामाजिक तत्वों की आवाजाही संभव होती है, जो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है।

बता दें कि निर्वाचन आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषण की। सभी राज्यों में मतगणना चार मई को होगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा।

कुमार ने बताया कि केरल, असम और पुडुचेरी के लिए नौ अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा। उन्होंने बताया कि चारों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 824 सीटों पर मतगणना चार मई को होगी। कुमार ने कहाकि चुनाव हिंसा या प्रलोभन से मुक्त होने चाहिए और आयोग किसी भी उल्लंघन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। कुमार के साथ दो निर्वाचन आयुक्त-सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद थे।