What about other Muslim OBCs Supreme Court says on plea reservation for Pasmanda दूसरे मुस्लिम OBC का क्या? पसमांदा के लिए आरक्षण की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, India News in Hindi - Hindustan
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दूसरे मुस्लिम OBC का क्या? पसमांदा के लिए आरक्षण की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा

चीफ जस्टिस ने मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को कहा, 'अन्य गरीब मुसलमानों की कीमत पर आप केवल पसमांदा को बढ़ावा देना चाहते हैं। कुल कितने मुसलमान पिछड़े हुए हैं। इस पर आपने कोई अध्ययन क्यों नहीं किया?'

Mon, 23 Feb 2026 07:05 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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दूसरे मुस्लिम OBC का क्या? पसमांदा के लिए आरक्षण की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा

सुप्रीम कोर्ट ने पसमांदा मुसलमानों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के तहत नौकरियों और दाखिले में आरक्षण की अपील वाली याचिका पर सुनवाई की। सोमवार को अदालत ने मुसलमानों के बीच पिछड़े समुदायों का विवरण मांगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिकाकर्ता मोहम्मद वसीम सैफी का प्रतिनिधित्व कर रही सीनियर वकील अंजना प्रकाश से सवाल किया। उनसे पूछा गया, 'अन्य मुस्लिम ओबीसी के बारे में क्या? ओबीसी होना केवल एक सामाजिक स्थिति का कारक नहीं है, बल्कि एक आर्थिक कारक भी है।'

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इस जनहित याचिका में रंगनाथ मिश्रा आयोग की रिपोर्ट की सिफारिश के अनुसार ओबीसी को उप-वर्गीकृत करके पसमांदा मुसलमानों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का अनुरोध किया गया था। पीठ ने कहा कि उसे इस बात पर विचार करना होगा कि क्या पसमांदा सांख्यिकीय रूप से एकमात्र पिछड़ा वर्ग हैं। सीजेआई ने कहा, 'अन्य गरीब मुसलमानों की कीमत पर आप केवल पसमांदा को बढ़ावा देना चाहते हैं। कुल कितने मुसलमान पिछड़े हुए हैं। इस पर आपने कोई अध्ययन क्यों नहीं किया?'

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SC के सवाल पर क्या बोले वकील

सीनियर वकील अंजना प्रकाश ने कहा कि वह सवालों के जवाब में एक नोट दाखिल करेंगी। इसके बाद पीठ ने याचिका को चार सप्ताह बाद दोबारा सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। प्रकाश ने शुरुआत में ही पीठ से आग्रह किया कि वह जनहित याचिका को आंध्र प्रदेश में मुसलमानों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के तहत 4 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के मुद्दे से संबंधित एक अन्य लंबित मामले के साथ जोड़ दे। वरिष्ठ वकील ने कहा कि पसमांदा मुसलमान गरीब हैं और उन्हें ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण लाभ प्राप्त करने का अधिकार है।

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पसमांदा मुस्लिम कौन हैं?

भारत में पसमांदा मुसलमान मुस्लिम समुदाय का वह बड़ा तबका है जो सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा हुआ माना जाता है। पसमांदा फारसी शब्द है, जिसका अर्थ है पीछे छूट गए या वंचित। पसमांदा मुसलमान भारत के कुल मुस्लिमों का अनुमानित 80-85% हिस्सा हैं, जो हिंदू समाज की पिछड़ी और दलित जातियों से इस्लाम में शामिल हुए थे। इनमें जातिगत भेदभाव और अशरफ वर्चस्व के कारण ये राजनीतिक-सामाजिक रूप से हाशिए पर रहे हैं और अब इनके अधिकारों के लिए पसमांदा आंदोलन सक्रिय है।