BJP से लड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी; INDIA के नेतृत्व के लिए राहुल गांधी के समर्थन में उमर
विपक्ष के नेतृत्व को लेकर राहुल गांधी पर उठाए जा रहे सवालों के बीच उमर अब्दुल्ला ने उन्हें खुलकर समर्थन दिया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने भाजपा से लड़ने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है, वह लगातार प्रयास कर रहे हैं।

विपक्षी पार्टियों के गठबंधन का नेतृत्व राहुल गांधी को करना चाहिए या फिर किसी और को? पिछले कुछ दिनों में इस सवाल को लेकर काफी चर्चा हो रही है। सबसे पहले इस सवाल को कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने ही बड़ी मुखरता से उठाया। इसके बाद तमाम नेताओं ने भी दबी जुबान से इसका समर्थन किया कि राहुल गांधी की जगह इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व अब किसी और को करना चाहिए। अब इंडिया गठबंधन की प्रमुख सहयोगी और जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी पार्टी ने इस मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राहुल गांधी ने भाजपा से लड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को लेकर कोई सवाल नहीं है।
मीडिया से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इंडिया ब्लॉक की किसी भी बैठक में नेतृत्व के परिवर्तन का मुद्दा नहीं उठा है। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन का कोई सवाल ही नहीं उठता। अय्यर द्वारा की गई टिप्पणी पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह अय्यर की निजी राय हो सकती है, उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष ने कहा, "कोई यह नहीं कह सकता कि उन्हें अपनी राय देने का अधिकार नहीं है। लेकिन, जब निर्णय लिया जाएगा, तो वह 'इंडिया' गठबंधन द्वारा लिया जाएगा और सभी (घटक दल) इस पर चर्चा करेंगे। नेतृत्व को लेकर अब तक 'इंडिया' गठबंधन की किसी भी बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई है।''
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी नेतृत्व परिवर्तन का समर्थन करती है, तो उन्होंने कहा कि हालांकि नेतृत्व के मुद्दे पर पहले गठबंधन के भीतर आंतरिक रूप से चर्चा होनी चाहिए, लेकिन राहुल गांधी ने भाजपा और सरकार से लड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
उन्होंने कहा, ''मुझे बताइए, राहुल गांधी ने भाजपा से लड़ने में क्या कसर छोड़ी है? उन्होंने लगातार भाजपा का विरोध किया है और हर मुद्दे पर भाजपा और सरकार को निशाना बनाया है। यही विपक्ष के नेता का काम होता है। राहुल गांधी से आप और क्या चाहते हैं?'' मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सच है कि कभी-कभी कांग्रेस पार्टी चुनाव में सफल नहीं होती, ''लेकिन 'इंडिया' गठबंधन का काम सरकार को घेरना और भाजपा का विरोध करना है।'' उन्होंने कहा, ''कोई मुझे बताए कि राहुल गांधी ने ऐसा करने में क्या कोई कसर छोड़ी है?'' दरअसल, मुख्यमंत्री यहां मणिशंकर अय्यर के उस बयान के बारे में टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी या फिर स्टालिन को इंडिया ब्लॉक के नेतृत्वकर्ता के रूप से लिए जाने का समर्थन किया था।
क्या कहा था अय्यर ने?
कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर पिछले कुछ दिनों से लगातार पार्टी लाइन से हटकर बयाने देते हुए नजर आ रहे हैं। सोमवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन को इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए आगे बढ़ने को कहा था। अय्यर ने इस बात पर जोर दिया कि एक प्रमुख घटक की तुलना में एक छोटे घटक को इस तरह की जिम्मेदारी दिए जाने से गठबंधन की एकता और मजबूत होगी।
अय्यर ने कहा कि केवल एक मजबूत 'इंडिया' ही 2029 के आम चुनाव में जीत सुनिश्चित कर सकता है, जिसके बिना राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि केवल स्टालिन ही राष्ट्रीय स्तर पर इस गठबंधन को मजबूती की ओर ले जा सकते हैं, जबकि उनके बेटे उदयनिधि और अन्य सहयोगी आगामी चुनावों में जीत के बाद राज्य सरकार चला सकते हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी तर्क दिया कि कांग्रेस बिना किसी संदेह के गठबंधन की प्रमुख घटक है, इसलिए उसे स्टालिन को संयोजक बनाए जाने को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रमुख घटक की तुलना में छोटा घटक गठबंधन की एकता के लिए ज्यादा उपयुक्त है। इससे पहले अय्यर ने ममता बनर्जी का भी समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व करने के लिए एक बेहतर विकल्प साबित होंगी।
अय्यर के पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार ने भी राहुल गांधी की जगह ममता बनर्जी को विपक्ष का नेतृत्व करने के लिए समर्थन दिया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा एक पुरुष प्रधान पार्टी है, ऐसे में अगर ममता बनर्जी जैसी मजबूत महिला नेत्री विपक्ष का नेतृत्व करती हैं, तो यह बीजेपी के महिला वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए मजबूत विकल्प होगा। उनकी इस बात का टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी समर्थन किया था।




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