बाबरी मस्जिद मामले से जुड़े निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर पर पुलिस का शिकंजा, दामाद को समन
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के दामाद को मुर्शिदाबाद पुलिस ने नारकोटिक्स से जुड़े मामले में समन भेजा है। पुलिस सूत्रों की तरफ से बताया गया कि कबीर के दामाद रैहान के खिलाफ हेरोइन तस्करी के संकेत मिले हैं। इसी सिलसिले में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव करीब आते-आते राजनीति अपने उफान पर आने लगी है। कुछ समय पहले बाबरी मस्जिद की नींव रखकर चर्चा में आए टीएमसी की निलंबित विधायक हूमायूं कबीर के ऊपर अब पुलिस का शिकंजा कसने लगा है। मुर्शिदाबाद में पुलिस ने गुरुवार को कबीर के दामाद रैहान अली को नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस मामले में नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें 28 फरवरी को पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया है।
पुलिस द्वारा मामले की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह कार्रवाई उन दिनों के बाद हुई है, जब पुलिस ने 8 और 9 फरवरी को अदालत के आदेश के बाद 2025 के एक मामले में रैहान के पिता, कबीर की बेटी और रेहान की पत्नी नाजमा सुल्तान की 14 संपत्तियों और 15 बैंक खातों को जब्त किया था।
टीएमसी से निकाले जाने के बाद अपनी नई पार्टी, जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) शुरू करने वाले हुमायूं कबीर ने पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही इस कार्रवाई को पूरी तरह से राजनैतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "चार दिन पहले रैहान को टीएमसी में शामिल होने और लालगोला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। उसने इनकार कर दिया। अब एक गढ़े हुए मामले में नोटिस जारी कर दिया गया है।”
उन्होंने कहा कि रैहान का राजनीति या ड्रग्स की तस्करी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, "वह न तो अग्रिम जमानत लेगा और न ही 28 फरवरी को थाने में पेश होगा। अगर उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की गई तो उसके बुरे परिणाम होंगे।
इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि रैहान अली को हेरोइन तस्करी की जांच के सिलसिले में तलब किया गया है। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच में अली के मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त होने के संकेत मिले हैं। 8 फरवरी को दर्ज मामले से संबंधित जांच में सहयोग के लिए नोटिस के माध्यम से उनकी उपस्थिति आवश्यक है।
गौरतलब है कि इससे पहले 17 फरवरी को पश्चिम बंगाल राजस्व विबाग ने भी कबीर की पत्नी मीरा सुल्ताना को नोटिस जारी करके आरोप लगाया था कि उन्होंने मानिक्याहार गांव में एक कृषि भूमि पर अवैध कब्जा करके आवासीय भवन निर्माण कराया था।
हुमांयू कबीर के समर्थकों द्वारा लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के लिए टीएमसी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, टीएमसी की तरफ से महासचिव कुणाल घोष ने कबीर और उनके समर्थकों के आरोपों को पूरी तरह से खारिज करके हुए कहा,"यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं, हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं, यह पूरी तरह से प्रशासनिक मामला है।"




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