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जहांगीर खान को पार्टी से क्यों नहीं निकाला? अब अभिषेक बनर्जी को तेवर दिखा रहे TMC विधायक

पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर दोबारा चुनाव से ठीक पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने मैदान छोड़ दिया है। इस फैसले से टीएमसी के अंदर बगावत छिड़ गई है। विधायकों ने अभिषेक बनर्जी को घेरा है।

Thu, 21 May 2026 07:18 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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जहांगीर खान को पार्टी से क्यों नहीं निकाला? अब अभिषेक बनर्जी को तेवर दिखा रहे TMC विधायक

पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर 21 मई यानी आज होने वाले पुनर्मतदान से ठीक पहले बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिला। 'पुष्पा झुकेगा नहीं' का डायलॉग मारने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने ऐन वक्त पर चुनाव से किनारा कर लिया था। 4 मई को राज्य में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद से ही फालता के 'पुष्पा' गायब बताए जा रहे थे। अब चुनाव से ठीक पहले इस तरह मैदान छोड़कर भागने पर टीएमसी के अंदर ही उनके खिलाफ भारी गुस्सा फूट पड़ा है। पार्टी विधायक अब सीधे अभिषेक बनर्जी से सवाल पूछ रहे हैं कि पीठ में छुरा घोंपने वाले इस नेता को अब तक निष्कासित क्यों नहीं किया गया?

विधायकों ने खोला मोर्चा, बैठक में उठा निष्कासन का मुद्दा

फालता सीट पर 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी, लेकिन धांधली की कई शिकायतों के बाद चुनाव रद्द कर दिया गया था। अब यहां 21 मई को दोबारा वोटिंग होनी है। 29 अप्रैल को जहांगीर खान ही टीएमसी के उम्मीदवार थे, लेकिन 21 मई की वोटिंग से पहले उन्होंने अचानक अपने कदम पीछे खींच लिए।

जहांगीर के इस फैसले से पार्टी के भीतर भूचाल आ गया है। मंगलवार को टीएमसी की एक अहम बैठक में उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की जोरदार मांग उठी। सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में रीताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा जैसे टीएमसी विधायकों ने जहांगीर खान को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की।

रीताब्रता बनर्जी का तंज- 'केंद्रीय मंत्री जैसा था रुतबा, अब सूख गया पुष्पा'

उलूबेरिया पूर्व से टीएमसी विधायक रीताब्रता बनर्जी ने जहांगीर पर सबसे तीखा हमला बोला है। रीताब्रता ने कहा, 'जहांगीर जैसे विशेषाधिकार प्राप्त व्यक्ति ने जब पीछे से पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है, तो उन्हें निष्कासित करने में आखिर समस्या क्या है? यह हमारी समझ से परे है।'

उन्होंने आगे कहा, 'दूर से देखने पर लगता था कि वह कोई केंद्रीय मंत्री हों। मैंने अपने संसदीय कार्यकाल में किसी केंद्रीय मंत्री का ऐसा रुतबा और तामझाम नहीं देखा। उनका अंदाज ऐसा था मानो फलता में वही सर्वेसर्वा और अंतिम शब्द हों।' रीताब्रता बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा कि अब 'पुष्पा' सूख कर झड़ चुका है।

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कुणाल घोष बोले- यह डायमंड हार्बर मॉडल है

इस पूरे विवाद पर बेलेघाटा से टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने भी चुटकी ली है। कुणाल घोष ने कहा, 'पुष्पा... वह तो झुकेगा नहीं। पुष्पा भला क्यों डरेगा? वैसे यह डायमंड हार्बर मॉडल का हिस्सा है। सांसद अभिषेक बनर्जी वहां से भारी वोटों से जीते हैं। निश्चित रूप से वह हालात का विश्लेषण कर रहे होंगे। इस मामले पर वही कुछ कह सकते हैं।'

अभिषेक बनर्जी के जवाब से संतुष्ट नहीं विधायक

गौरतलब है कि 4 मई को राज्य की सत्ता बदलने के बाद से ही जहांगीर के तेवरों में नरमी आ गई थी। जहांगीर को पार्टी से निकालने के सवाल पर अभिषेक बनर्जी ने 'एक्स' पर पोस्ट कर सफाई दी थी कि 'यह जहांगीर का अपना निजी फैसला है।' हालांकि, अभिषेक की यह दलील पार्टी के अंदर टिक नहीं पा रही है और विधायकों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है।

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद फलता में दोबारा हो रहे चुनाव के लिए खुद अभिषेक बनर्जी भी प्रचार करने नहीं पहुंचे। वहीं, जहांगीर ने भी चुनाव से पहले 'हवा' का रुख भांपकर किनारा कर लिया। ऐसे में जहांगीर पर अब तक कोई सख्त एक्शन न लिए जाने को लेकर पार्टी के अंदर ही सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर उन्हें किस बात का प्रश्रय दिया जा रहा है।

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