West Bengal Falta Assembly Constituency Election Results Jahangir Khan Mamata Banerjee Suvendu Adhikari फलता में मैदान छोड़ चुके थे TMC के जहांगीर खान, फिर कैसे मिले इतने वोट; क्या कहता है नियम?, India News in Hindi - Hindustan
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फलता में मैदान छोड़ चुके थे TMC के जहांगीर खान, फिर कैसे मिले इतने वोट; क्या कहता है नियम?

पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। चुनाव से पहले ही हटने का ऐलान कर चुके तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान को यहां से 6 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं। सबसे ज्यादा पोस्टल वोट जहांगीर खान को ही मिले हैं।

Sun, 24 May 2026 07:11 PMUpendra Thapak हिन्दुस्तान टाइम्स
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फलता में मैदान छोड़ चुके थे TMC के जहांगीर खान, फिर कैसे मिले इतने वोट; क्या कहता है नियम?

पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर नतीजे आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के देबांग्शु पांडा ने 1 लाख से ज्यादा वोटों के साथ यहां जीत दर्ज की है। कभी तृणमूल कांग्रेस के जहांगीर खान का गढ़ माने जाने वाली यह सीट अब भाजपा के हाथों में है। जहांगीर मतदान के पहले ही इस सीट से हटने का ऐलान कर चुके थे, लेकिन फिर भी 24 मई को जब मतगणना हुई, तो उन्हें भी करीब 3.7 फीसदी मत प्राप्त हुए। अब सवाल यही है कि आखिर जहांगीर के चुनाव से हटने के बाद भी कैसे 21 मई को लोगों ने उनके नाम पर वोट डाले और कैसे 24 मई को उनका नाम चुनाव आयोग के पोर्टल पर रहा और उनके वोट भी गिने गए। तो आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब

चुनाव से हटने के बाद भी EVM पर बने रहे तृणमूल कांग्रेस के पुष्पा

पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान फलता विधानसभा सीट पर धांधली के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने पूरी दोबारा मतदान करवाने का ऐलान किया। 4 मई को सामने आए नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक बहुमत मिला, जिसके बाद यह साफ हो गया कि फलता पर भी नतीजा भाजपा के पक्ष में ही रहने वाला है। 4 मई से लेकर 19 मई तक तमाम उठापटक और राजनीतिक बयानबाजी और हाई कोर्ट के चक्करों के बाद जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से हटने का फैसला लिया। जहांगीर ने भले ही मैदान छोड़ने का फैसला कर लिया हो, लेकिन कानून के मुताबिक वह मैदान में बने रहे।

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क्या है कानून?

जन प्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 37 के मुताबिक कोई भी उम्मीदवार नामांकन प्रमाण पत्रों की जांच होने के बाद एक निर्धारित समय सीमा तक ही अपना नाम वापस ले सकता है। लेकिन एक बार अगर यह समय सीमा समाप्त हो जाती है, तो उसके अनुसार ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची तैयार की जाती है। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में उम्मीदवार का नाम इस लिस्ट से नहीं हटाया जा सकता।

पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर पहले 29 अप्रैल को मतदान हुए था। लेकिन चुनावी धांधली और हिंसा के आरोपों के चलते चुनाव आयोग ने इसे फिर से करवाने का फैसला किया। लेकिन पूरी चुनावी प्रक्रिया को रद्द नहीं किया। इसकी वजह से पुराने उम्मीदवार और बाकी नियम रही रहे। इसकी वजह से जहांगीर खान ने भले ही 19 मई को इस चुनाव से अलग होने का फैसला कर लिया हो, लेकिन उसका नाम ईवीएम में बना रहा।

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बैलेट वोटों में काफी आगे रहे जहांगीर

तृणमूल कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार जहांगीर खान को पोस्टल बैलेट में काफी बड़ी बढ़त मिली। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक कुल 1808 पोस्टल वोट्स में से 1526 वोट जहांगीर खान को मिले। इसके अलावा 19 मई को चुनाव से हटने के ऐलान के बाद भी 6 हजार से ज्यादा मतदाताओं ने जहांगीर खान के नाम पर वोट किया। उन्हें 6,257 वोट मिले। इन वोटों के साथ वह चौथे नंबर पर रहे। भाजपा के देबांग्शु पांडा 1,49,421 वोटों के साथ विजयी रहे, जबकि दूसरे नंबर पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट) के शंभु नाथ कुर्मी को 40, 625 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस पार्टी 10 हजार वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रही।

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जहांगीर खान ने क्यों छोड़ा मैदान?

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान काफी चर्चा में रहे थे। आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के साथ उनका विवाद राष्ट्रीय सुर्खियां बना था। इसके बाद जब 29 अप्रैल को चुनाव हुआ तो विवाद और हिंसा की वजह से आयोग ने इस पर पुनर्मतगणना का फैसला लिया। इसके बाद 21 मई की नई तारीख का ऐलान किया गया।

4 मई को नतीजे आए के बाद जहांगीर खान और तृणमूल कांग्रेस के तेवर नरम नजर आने लगे। तमाम उठापटक के बीच 19 मई को जहांगीर ने चुनाव से हटने का ऐलान कर दिया। उन्होंने इसके पीछे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा क्षेत्र के लिए किए गए विकास परियोजनाओं को कारण बताया। 19 मई को दिए अपने भाषण में जहांगीर ने कहा, "मुख्यमंत्री ने फलता के लिए स्पेशल डेवलपमेंट पैकेज का ऐलान किया है। इसलिए में इस चुनाव से हट रहा हूं। मैं फलता का बेटा हूं और अपने क्षेत्र को शांति के साथ आगे बढ़ते हुए देखना चाहता हूं।"