जिस फलता सीट से हट गए जहांगीर खान, वहां दोबारा वोटिंग में कितना फीसदी हुआ मतदान
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार को पुनर्मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हुआ जहां 86 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार को पुनर्मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हुआ जहां 86 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यह पुनर्मतदान टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के दो दिन पहले नाटकीय रूप से चुनाव से हटने के कारण उत्पन्न स्थिति बीच कराया गया। इसे व्यापक रूप से सत्तारूढ़ भाजपा को राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस निर्वाचन क्षेत्र में लगभग एकतरफा जीत दिलाने के रूप में देखा जा रहा है। केंद्रीय बलों की भारी तैनाती और दिनभर मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारों के बावजूद, पुनर्मतदान बिना किसी बड़ी घटना के संपन्न हो गया।
क्यों हुआ पुनर्मतदान
यह पुनर्मतदान 29 अप्रैल के चुनाव से जुड़े विवाद के कारण हुआ, जब कई मतदान केंद्रों से शिकायतें सामने आईं कि ईवीएम पर इत्र जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाई गई थीं। निर्वाचन आयोग ने फलता में पुनर्मतदान का आदेश दिया, जबकि शेष 293 विधानसभा क्षेत्रों के परिणाम चार मई को पहले ही घोषित किए जा चुके हैं, जिसमें भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल की है। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि शाम पांच बजे तक 2.36 लाख मतदाताओं में से 86.11 प्रतिशत ने मतदान किया । इससे पहले 29 अप्रैल को हुए मतदान में इसी समय तक 86.71 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। अंतिम आंकड़ा आना अभी बाकी है ।
शुभेंदु अधिकारी ने दिया धन्यवाद
भारी मतदान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फलता के लोगों को धन्यवाद दिया और कहाकि निर्वाचन क्षेत्र के दृश्य किसी उत्सव जैसे लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि दृश्यों से ऐसा प्रतीत होता है जैसे लोग किसी उत्सव में भाग ले रहे हों। पुनर्मतदान में इतना मतदान होना वास्तव में अभूतपूर्व है। जहांगीर खान के चुनाव से हटने से फाल्टा के राजनीतिक समीकरण में काफी बदलाव आ गया है। भाजपा, जो पहले से ही एकतरफा जीत का भरोसा जता रही है, टीएमसी उम्मीदवार के पुनर्मतदान से पहले ही चुनाव मैदान से हटने के बाद इस सीट पर अपनी जीत पक्की मान रही है।
बढ़ जाएगी भाजपा की सीटें
यदि भाजपा फलता सीट जीतती है, तो 2026 के विधानसभा चुनावों में उसकी सीटों की संख्या बढ़कर 208 हो जाएगी, हालांकि अधिकारी द्वारा भवानीपुर सीट बरकरार रखते हुए नंदीग्राम सीट खाली करने के फैसले के बाद विधानसभा की कुल संख्या 207 ही रहेगी। इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतदाताओं में 1,21,300 पुरुष, 1,15,135 महिलाएं और नौ तृतीय-लिंगी व्यक्ति शामिल हैं। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चला। केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां 285 मतदान केंद्रों पर तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए 30 त्वरित प्रतिक्रिया दलों को तैयार रखा गया है।
अप्रिय घटना की सूचना नहीं
एक निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण रहा है। फलता में कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतार देखी गई। शाम पांच बजे तक 86.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। विधानसभा क्षेत्र के 285 मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में मतदाता कतार में खड़े नजर आए। तृणमूल कांग्रेस के जहांगीर खान सहित कुल छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। हालांकि, खान ने मंगलवार को चुनाव से पीछे हटने की घोषणा की थी। तृणमूल कांग्रेस ने इसे जहांगीर का निजी फैसला करार दिया है।
ईवीएम में दर्ज रहा जहांगीर खान का नाम
खान के पीछे हटने की घोषणा के बावजूद उनका नाम ईवीएम में दर्ज है, क्योंकि वह आधिकारिक तौर पर अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ले सके। अन्य उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के देबांग्शु पांडा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के शंभूनाथ कुर्मी और कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला शामिल हैं। फलता में 29 अप्रैल को मतदान के बाद से ही राजनीतिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। उस समय कई मतदान केंद्रों से शिकायतें सामने आईं कि ईवीएम पर सुगंधित पदार्थ और टेप लगाई गई थीं, जिसके परिणामस्वरूप चुनाव रद्द करना पड़ा।




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