बंगाल में BSF को जमीन देने के शुभेंदु अधिकारी के फैसले में फंसा पेच, मंत्री बोले- 7 दिन में सुलझा लेंगे
West bengal news update: पश्चिम बंगाल में बीएसएफ को जमीन देने के शुभेंदु सरकार के फैसले में पेच फंस गया है। मंत्री अशोक कीर्तनिया ने कहा कि बसीरहाट जिले में कुछ लोग जमीन देने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि 7 दिनों के भीतर मामला सुलझा लिया जाएगा।

CM Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार आने के बाद सबसे बड़ा फैसला बांग्लादेश सीमा से जुड़ी जमीन को बाड़े बंदी के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपना ही था। मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने अपने पहले कुछ फैसलों में ही इसे शामिल किया। लेकिन अब इस फैसले पर पेच फंसता हुआ नजर आ रहा है। राज्य के खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया ने कहा कि सरकार 45 दिनों के अंदर जमीन बीएसएफ को देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बशीरहाट जिले में भूमि अधिग्रहण में समस्या आ रही है।
उत्तर 24 परगना में मीडिया से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी के मंत्री ने पूरी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर 24 परगना के ज्यादातर हिस्सों में भूमि अधिग्रहण का काम संतोषजनक ढंग से जारी है। लेकिन बसीरहाट में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, "मैंने जिला कलेक्टर से बात की है। उन्होंने मुझे बताया कि तीन मौजों को छोड़कर कहीं कोई समस्या नहीं है। बसीरहाट में कुछ निवासी बाड़ेबंदी के लिए प्रस्तावित क्षेत्र से हटने से इनकार कर रहे हैं। कुछ परिवार हैं, जो अपनी जमीन देकर पुनर्वास लेने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में मैंने कलेक्टर से कहा है कि अगले 7 दिनों के अंदर इन परिवारों को मनाया जाए।"
गौरतलब है कि राज्य में सत्ता हासिल करने के पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया था कि जब राज्य में भाजपा सरकार बनेगी, तो सबसे पहला काम बीएसएफ के लिए जमीन देने का होगा। शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहली कैबिनेट बैठक में ही बांग्लादेश सीमा के पास की जमीन बाड़ेबंदी के लिए बीएसएफ को देने का फैसला किया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार 45 दिनों के भीतर 600 एकड़ जमीन सौंप देगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच करीब 2,217 किलोमीटर सीमा लगती है। इसमें से करीब 1,648 किलोमीटर पर बाड़े बंदी की जा चुकी है, जबकि करीब 569 किलोमीटर हिस्सा अभी भी ऐसा ही पड़ा हुआ है। राज्य में बढ़ती घुसपैठ की घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार पिछले काफी समय से बाड़ लगाने की मांग कर रही है। भाजपा का आरोप है कि ममता बनर्जी सरकार ने जमीन देने से इनकार कर दिया था।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुलकर कह चुके हैं कि उन्होंने जमीन के लिए ममता बनर्जी को अपने स्तर पर कई पत्र लिखे, लेकिन उन्होंने बाड़े बंदी के लिए जमीन देने से साफ इनकार कर दिया।




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