West Asia conflict 37 Indian flagged ships with 1109 sailors stuck in Persian Gulf, Gulf of Oman Iran America War 37 भारतीय जहाज और 1109 नाविक समंदर में फंसे, ईरान जंग का भारत पर बुरा असर; क्या कह रही सरकार, India News in Hindi - Hindustan
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37 भारतीय जहाज और 1109 नाविक समंदर में फंसे, ईरान जंग का भारत पर बुरा असर; क्या कह रही सरकार

Iran America War: फंसे हुए जहाज़ों में कुछ भारत के लिए कच्चा तेल और LNG लेकर आ रहे हैं, जबकि कुछ खाड़ी देशों से पेट्रोलियम उत्पाद लाने के लिए जा रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार लगातार निगरानी कर रही है।

Tue, 3 March 2026 09:36 PMPramod Praveen पीटीआई, नई दिल्ली
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37 भारतीय जहाज और 1109 नाविक समंदर में फंसे, ईरान जंग का भारत पर बुरा असर; क्या कह रही सरकार

Iran America War: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच भारत के 37 जहाज और 1,109 नाविक फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में फंस गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक समुद्री व्यापार पर गंभीर असर पड़ा है। अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में जहाज़ों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह मार्ग भारत सहित कई देशों के लिए तेल और गैस आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है।

भारतीय जहाज़ों की स्थिति

फंसे हुए जहाज़ों में कुछ भारत के लिए कच्चा तेल (Crude Oil) और एलएनजी (LNG) लेकर आ रहे हैं, जबकि कुछ खाड़ी देशों से पेट्रोलियम उत्पाद लाने के लिए जा रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार लगातार निगरानी कर रही है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग शिपिंग कंपनियों के संपर्क में है और हालात पर नजर बनाए हुए है। साथ ही, शिपिंग मंत्रालय ने एक विशेष त्वरित प्रतिक्रिया टीम (Quick Response Team) का गठन किया है, जो आपात स्थिति में तुरंत सहायता सुनिश्चित करेगी।

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भारतीय नाविकों की मौत

इस संघर्ष के बीच विदेशी झंडे वाले जहाज़ों पर कार्यरत कम से कम तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक घायल हुआ है। यह घटना स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है। शिपिंग कंपनियों और भर्ती एजेंसियों (RPSLs) को सतर्क रहने और नाविकों व उनके परिवारों से नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। नाविकों के परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

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सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय

स्थिति से निपटने के लिए भारतीय नौसेना, विदेश मंत्रालय, IFC-IOR और MRCC सहित कई एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। समुद्री क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों, इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान और अन्य सुरक्षा खतरों को देखते हुए समुद्री ऑपरेटरों को यात्रा से पहले जोखिम का आकलन करने की सलाह दी गई है।

संघर्ष का व्यापक असर

अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर लगातार हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। जवाब में ईरान और उसके सहयोगियों ने भी पलटवार किया है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है। पश्चिम एशिया में बढ़ता यह संघर्ष न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत के ऊर्जा हितों के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता भारतीय नागरिकों और समुद्री संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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