Iran America War Attack on Iran also a defeat for US, Donald Trump objective not achieved says Expert ईरान पर हमले में अमेरिका की भी एक हार, डोनाल्ड ट्रंप का पूरा नहीं हुआ मकसद: एक्सपर्ट, International Hindi News - Hindustan
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ईरान पर हमले में अमेरिका की भी एक हार, डोनाल्ड ट्रंप का पूरा नहीं हुआ मकसद: एक्सपर्ट

ब्रह्म चेलानी ने लिखा है कि तेहरान में सिर कलम करने के बाद भी सरकार गिरने की कोशिश नाकाम रही है। US डिफेंस सेक्रेटरी हेगसेथ ने अपने ही प्रेसिडेंट के उलट अब दावा किया है कि ईरान के खिलाफ जंग का मकसद सरकार बदलना नहीं है।

Tue, 3 March 2026 08:56 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ईरान पर हमले में अमेरिका की भी एक हार, डोनाल्ड ट्रंप का पूरा नहीं हुआ मकसद: एक्सपर्ट

शनिवार (28 फरवरी) को ईरान पर किए गए इजरायल और अमेरिका के हमले में भले ही वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई समेत कई वरिष्ठ अफसरों की मौत हो गई हो लेकिन ईरान में सत्ता परिवर्तन होता फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में ईरान पर हमलों के बाद बदलते घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया की स्थिति को और जटिल बना दिया है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अब कहा है कि अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन का मकसद ईरान में शासन परिवर्तन (Regime Change) नहीं है।

बता दें कि उनसे पहले राष्ट्रपति ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि वह ईरान से इस्लामिक सत्ता उखाड़ फेंकना चाहते हैं। एक दिन पहले भी ट्रंप ने ईरानियों से आह्वान किया था कि यही सही समय है कि वहां के लोग शासन में बदलाव के लिए उठ खड़े हों। ऐसे में पीट हेगसेथ का ताजा बयान पहले दिए गए संकेतों से अलग माना जा रहा है। वरिष्ठ भू-राजनीतिकार और सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (CPR) में रणनीतिक अध्ययन के प्रोफेसर ब्रह्म चेलानी के मुताबिक, अमेरिका का नया स्टैंड ईरान के मुद्दे पर ट्रंप की हार को दर्शाता है।

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ब्रह्म चेलानी ने क्या लिखा?

सोशल मीडिया एक्स पर ब्रह्म चेलानी ने लिखा है, "तेहरान में सिर कलम करने के बाद भी सरकार गिरने की कोशिश नाकाम रही है। U.S. डिफेंस सेक्रेटरी हेगसेथ ने अपने ही प्रेसिडेंट के उलट अब दावा किया है कि ईरान के खिलाफ जंग का मकसद सरकार बदलना नहीं है।" उन्होंने आगे लिखा है, सरेंडर करने के बजाय, US-इजरायल के सिर कलम करने वाले हमलों ने ईरान में बदले की भावना को और बढ़ा दिया है। ईरान अब बदला लेने के लिए तैयार है, भले ही उसे अमेरिका और इजरायल की मिली-जुली ताकत का सामना करना पड़े।"

ट्रंप के नियंत्रण से बाहर होता युद्ध?

चेलानी ने लिखा है कि ईरान के आसमान पर अमेरिका और इजरायल का कब्ज़ा हो सकता है, लेकिन जैसा कि ईरान की बढ़ती जवाबी कार्रवाई से पता चलता है, हवाई दबदबा और बढ़ते दबदबे का मतलब अलग-अलग है। उन्होंने लिखा कि ट्रंप ने जंग शुरू की, लेकिन हो सकता है कि अब वह इसके रास्ते को कंट्रोल न कर पाएं। इस पूरे घटनाक्रम में डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका भी चर्चा में है। विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध की शुरुआत भले ही उनके निर्णय से हुई हो, लेकिन अब इसकी दिशा और तीव्रता पर उनका नियंत्रण कमजोर पड़ता दिख रहा है।

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‘एयर सुपीरियोरिटी’ बनाम ‘एस्केलेशन डॉमिनेंस’

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के ऊपर हवाई बढ़त (Air Superiority) हासिल कर ली हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे संघर्ष की दिशा पूरी तरह नियंत्रित कर पा रहे हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई यह दिखाती है कि ‘एस्केलेशन डॉमिनेंस’ अभी भी अनिश्चित है।

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