अमेरिका और ईरान का भारत में चुनाव पर होगा असर, कम होगी वोटिंग; किस पार्टी को नुकसान
28 फरवरी और अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट के कई देशों को निशाना बनाया था। ईरान का कहना है कि देशों पर नहीं, बल्कि वहां मौजूद अमेरिकी बेस पर हमले किए थे।

अमेरिका और ईरान युद्ध का असर भारत में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी पड़ सकता है। कहा जा रहा है कि खाड़ी देशों में भारतीयों के फंसे होने के कारण वोटर संख्या प्रभावित हो सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर केरल पर पड़ेगा। अनुमान है कि मिडिल ईस्ट में केरल के 20 लाख से ज्यादा लोग रह रहे हैं। 4 मई को चुनावों के नतीजे घोषित होंगे।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ऑब्जर्वर्स का कहना है कि इसका असर मतदाताओं की संख्या पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि संख्या निर्णायक नहीं होगा, लेकिन कुछ इलाकों में इनका असर नजर आ सकता है। वोट डालने के लिए संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत समेत कई देशों से केरलवासी भारत लौटते हैं।
इस क्षेत्र में दिखेगा सबसे ज्यादा अशर
रिपोर्ट के अनुसार, मतदाताओं की संख्या का असर खासतौर से उत्तर केरल में नजर आएगा। इसके चलते मलप्पुरम, कोझिकोड और कासरगोड जिलों में असर देखा जा सकता है। साथ ही पलक्कड़ और थ्रिसूर कुछ प्रभावित हो सकते हैं। माना जा रहा है कि IUML यानी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को इस वोटर का सबसे ज्यादा फायदा होता है।
IUML कांग्रेस की अगुवाई वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट का हिस्सा है। पार्टी के महासचिव पीएमए सलाम कहते हैं, 'कई लोग वोटिंग के लिए वापस नहीं आ पाएंगे। हमारे KMCC सदस्य खाड़ी देशों में अधिकारियों से बात कर रहे हैं, लेकिन हालात सामान्य नहीं हुए तो मतदाताओं की संख्या कम रहेगी।'
सीपीआई से राज्यसभा सांसद संदोश कुमार पी बताते हैं, 'उत्तर केरल में कुछ ही क्षेत्र हैं, जहां खाड़ी में रहने वाले मतदाताओं का संख्या जाता है। आमतौर पर ये सीटें जीत के बड़े अंतर वाली हैं।'
क्या बोले लोग
एक्सपेट्रिएट ग्रुप्स अपने सदस्यों के लिए चार्टर्ड फ्लाइट्स की व्यवस्था करते हैं। माना जा रहा था कि मंदिर त्योहार, ईस्टर और चुनाव एक साथ होने के चलते लोगों की संख्या ज्यादा भी हो सकती थी। रिपोर्ट के अनुसार, UAE केरल मुस्लिम कल्चरल सेंटर के अध्यक्ष पुथूर रहमान बताते हैं, 'हम यूएई से आमतौर पर 8 चार्टर्ड फ्लाइट्स की तैयारी करते हैं। इस साल हम ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'सुपरमार्केट और अन्य जगहों पर काम करने वाले कई लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वो वोटिंग के लिए नहीं जा सकेंगे।'
Expatriate group का मतलब है ऐसे लोगों का समूह जो अपने देश को छोड़कर किसी दूसरे देश में रह रहे हों।
कई देश प्रभावित
28 फरवरी और अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट के कई देशों को निशाना बनाया था। ईरान का कहना है कि देशों पर नहीं, बल्कि वहां मौजूद अमेरिकी बेस पर हमले किए थे। इसके चलते यूएई से आने वाली उड़ानें खासी प्रभावित हुईं थीं। कहा जा रहा है कि यूएई और सऊदी अरब अब ईरान पर कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।




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