US Iran war Ceasefire Iran willing to talk peace but not with Donald Trump or Jered Kushner but J D vance ट्रंप परेशान, लेकिन नखरे दिखा रहा ईरान; शांति वार्ता के लिए ट्रंप के सिर्फ इस अधिकारी पर ही जताया भरोसा, International Hindi News - Hindustan
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ट्रंप परेशान, लेकिन नखरे दिखा रहा ईरान; शांति वार्ता के लिए ट्रंप के सिर्फ इस अधिकारी पर ही जताया भरोसा

ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौता करने ने इच्छुक है। ट्रंप ने बताया कि इस बातचीत का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, मिडिल ईस्ट के मामलों में ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर कर रहे हैं।

Wed, 25 March 2026 11:57 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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ट्रंप परेशान, लेकिन नखरे दिखा रहा ईरान; शांति वार्ता के लिए ट्रंप के सिर्फ इस अधिकारी पर ही जताया भरोसा

ईरान युद्ध शुरू होने के लगभग 25 दिन बाद अमेरिका शांति वार्ता शुरू करने की कोशिशें कर रहा है। हालांकि ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नखरे दिखा रहा है। ट्रंप के समझौते को लेकर हुई बातचीत को सिरे से खारिज करने के बाद अब ईरान इसके लिए मान तो गया है, लेकिन अमेरिका के सामने एक के बाद एक कई शर्तें रख रहा है। अब ईरान ने कथित तौर पर अमेरिका से कहा है कि वह विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर के बजाय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत करना पसंद करता है।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बहुत सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने यह भी कहा है कि उन्होंने पेंटागन को निर्देश दिया है कि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने बातचीत होने से इनकार किया और कहा कि उसे केवल मध्यस्थतों के हवाले से ऐसे संदेश प्राप्त हुए हैं, जिनमें अमेरिका की बातचीत में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की गई थी।

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ईरान को वेंस पर ही भरोसा

सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान शुरू होने से पहले हुई पिछली बातचीतों की विफलता को लेकर विटकॉफ और कुशनर पर अविश्वास जताया है। वहीं उपराष्ट्रपति वेंस को ईरान एक ऐसे राजनेता के रूप में देखता है जो युद्धविराम के हित में रुचि रखते हैं। अधिकारियों ने बताया कि ईरान का मानना ​​है कि प्रशासन के कुछ अन्य लोगों की तुलना में वेंस इस संघर्ष का कूटनीतिक समाधान निकालने के प्रति ज्यादा इच्छुक हो सकते हैं।

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बातचीत से परिचित एक सूत्र ने बताया, "यह सोच है कि वेंस इस संघर्ष को खत्म करने पर ही अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।" हालांकि उन्हीं सूत्रों ने यह भी आगाह किया कि सीधी बातचीत में शामिल होने से वेंस के लिए कुछ जोखिम भी हो सकते हैं, क्योंकि युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते पर पहुंचना काफी जटिल और राजनीतिक रूप से संवेदनशील साबित हो सकता है।

क्या बोला वाइट हाउस?

इस बीच वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि अमेरिकी बातचीत टीम का चयन केवल ट्रंप ही करेंगे। उनके अनुसार, कई वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, विटकॉफ़ और कुशनर शामिल हैं, व्यापक कूटनीतिक प्रयासों में हिस्सा ले रहे हैं। वहीं वाइट हाउस के एक अन्य अधिकारी ने ईरान की इस पसंद से जुड़ी रिपोर्टों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ये क्षेत्रीय ताकतों द्वारा अमेरिकी नीति को प्रभावित करने की एक कोशिश है। उन्होंने इसे एक सुनियोजित विदेशी दुष्प्रचार अभियान बताया, जिसका मकसद राष्ट्रपति की छवि को नुकसान पहुंचाना है।

ट्रंप के बड़े-बड़े दावे

इससे पहले मंगलवार को ओवल ऑफ़िस में पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करने ने इच्छुक है। ट्रंप ने बताया कि इस बातचीत का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, मिडिल ईस्ट के मामलों में ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर कर रहे हैं। ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “मैं पहले से कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन वे इस बात पर सहमत हो गए हैं कि वे कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखेंगे।”

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध जीत लिया गया है। उन्होंने कहा, "मुझे यह कहना अच्छा नहीं लगता। हमने यह जीत लिया है। यह जंग जीत ली गई है... ऐसा नहीं है कि हम कोई ऐसी जंग जीत रहे हैं जहां उनके पास कोई नेवी नहीं है, कोई एयर फोर्स नहीं है और उनके पास कुछ भी नहीं है। और सचमुच हमारे विमान तेहरान और उनके देश के दूसरे हिस्सों के ऊपर से उड़ रहे हैं। वे इसके बारे में कुछ भी नहीं कर सकते।”

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