इस लालच में 25 AIADMK विधायकों ने विजय की TVK को दे दिया वोट, पलानीस्वामी का बड़ा दावा
यह कहते हुए कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए जीत या हार आम बात है, पलानीस्वामी ने कहा कि ऐसा सिर्फ AIADMK के साथ ही नहीं हुआ है। डीएमके को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था।

तमिलनाडु में AIADMK के कुछ विधायकों ने बुधवार को फ्लोर टेस्ट के दौरान विजय की TVK सरकार के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की। पार्टी के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने दावा किया उन्होंने (विधायकों) कैबिनेट पदों के लालच में ऐसा किया और उनका यह कदम गलत और गैर-कानूनी था। वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि और षणमुगम की अगुवाई में कुल 25 AIADMK विधायकों ने विश्वास मत के दौरान सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन किया था।
विधानसभा सत्र के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पलानीस्वामी ने कहा, "हमने 2011 से AIADMK की उपलब्धियों और लोगों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों को उजागर करके विधानसभा की 47 सीटें जीती हैं और लोगों ने पार्टी के 'दो पत्ती' चुनाव चिह्न के लिए वोट दिया है।" उन्होंने कहा, "जमीनी स्तर से लेकर पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने पार्टी की जीत सुनिश्चित करने और उसकी पहचान दिखाने के लिए प्रचार किया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि वेलुमणि गुट ने विधानसभा में टीवीके का समर्थन करके पार्टी पदाधिकारियों के साथ विश्वासघात किया है।
पलानीस्वामी ने आगे कहा, "कुछ लोगों को कैबिनेट मंत्री पद के वादे का लालच दिया गया और उन्होंने दूसरों को भी गलत रास्ते पर डाल दिया। यह गैर-कानूनी है और न्याय के विरुद्ध है।" यह कहते हुए कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए जीत या हार आम बात है, पलानीस्वामी ने कहा, “ऐसा सिर्फ AIADMK के साथ ही नहीं हुआ है। डीएमके को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था।”
उन्होंने दावा किया कि भले ही टीवीके ने सरकार बना ली हो, लेकिन AIADMK ने अपने 47 विधायकों के साथ-साथ अपने सहयोगी दलों पीएमके, भाजपा और एएमएमके के छह विधायकों के दम पर एक बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के महासचिव होने के नाते, उन्हें 'व्हिप' नियुक्त करने का अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि व्हिप, अग्री एसएस कृष्णमूर्ति ने सभी विधायकों को एसएमएस, ई-मेल और रजिस्टर्ड डाक के जरिए सूचित किया था कि पार्टी फ्लोर टेस्ट में सरकार के खिलाफ वोट करेगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे जिन्होंने पार्टी के आदेश के अनुसार वोट नहीं दिया, तो उन्होंने कहा, "इंतजार करो और देखो।" बुधवार को AIADMK के 25 बागी विधायकों की क्रॉस-वोटिंग की वजह से टीवीके सरकार विधानसभा में अपनी संख्या 144 तक पहुंचाने में कामयाब रही। यह सब फ्लोर टेस्ट के दौरान विपक्ष द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों के बीच हुआ।




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