10 बजे से पहले दफ्तर आओ और... CM बनते ही ऐक्शन में आए विजय; अटेंडेंस पर बड़ा आदेश
तमिलनाडु सरकार के अधिकारी ने कहा कि विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुरोध है कि वे सुबह 10 बजे से पहले दफ्तर पहुंचें और बायोमेट्रिक प्रणाली, फेस-आईडी हाजिरी के साथ-साथ मैनुअल हाजिरी के जरिए से भी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री बनते ही विजय ऐक्शन में आ गए हैं। उनकी सरकार ने मानव संसाधन प्रबंधन विभाग में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक और चेहरे की पहचान (फेस आइडेंटिफिकेशन) पर आधारित अटेंडेंस अनिवार्य करने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि सभी कर्मचारी सुबह 10 बजे से पहले दफ्तर आ जाएं। विभाग के उप सचिव एस. थंकपप्पा ने शनिवार को जारी अपने सर्कुलर में कहा कि सरकार के प्रधान सचिव के निर्देशों के अनुसार, यह नया डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम 1 जून, 2026 से लागू होगा।
अधिकारी ने कहा, "इसलिए, इस विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुरोध है कि वे सुबह 10 बजे से पहले दफ्तर पहुंचें और बायोमेट्रिक प्रणाली, फेस-आईडी हाजिरी के साथ-साथ मैनुअल हाजिरी के जरिए से भी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।" उन्होंने आगे कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान अपने आईडी पहनने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि एक नई अटेंडेंस प्रणाली शुरू करने का यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया गया, जिनमें कथित तौर पर कहा गया था कि कई कर्मचारी समय पर दफ्तर नहीं पहुंच रहे थे।
जल्दी दर्शन की अनियमितता का खुलासा हुआ
वहीं, एक अन्य मामले में तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती मंत्री एस रमेश ने एक श्रद्धालु के वेश में एक प्रसिद्ध मंदिर का औचक निरीक्षण किया और कथित तौर पर एक पुजारी और सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धालुओं को शीघ्र दर्शन कराने के बदले पैसे मांगने के आरोप में बेनकाब किया। तिरुच्चेंदूर सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में अनियमितताओं को लेकर श्रद्धालुओं की शिकायतों के बाद मंत्री ने निरीक्षण किया, जिस दौरान कथित तौर पर एक पुजारी और मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने उनसे जल्दी दर्शन कराने के लिए पैसे मांगे थे। मंत्री अकेले ही मंदिर में दाखिल हुए और उन्होंने एक पुजारी से दर्शन के बारे में यूं ही पूछताछ की।
'जल्दी दर्शन कराने के नाम पर पैसे वसूल रहे'
आरोप है कि पुजारी ने पैसों की मांग की, जिसके बाद मंत्री के सहायक ने कथित तौर पर यूपीआई के माध्यम से राशि ट्रांसफर कर दी। काले रंग की टी-शर्ट पहने रमेश ने पत्रकारों को बताया, "कई श्रद्धालुओं से शिकायतें मिलने के बाद, मैंने आरोपों की पुष्टि करने के लिए सुबह-सुबह मास्क पहनकर मंदिर का दौरा किया। मैंने पाया कि कुछ पुजारी मंदिर के अधिकारियों की मिलीभगत से श्रद्धालुओं से जल्दी दर्शन कराने के नाम पर पैसे वसूल रहे थे।"




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