भारत से हमारे रिश्ते खराब कराना चाहता है रूस, नागरिकों की गिरफ्तारी को यूक्रेन ने बताया साजिश
मिजोरम में 6 यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी पर यूक्रेन ने पारदर्शी जांच की मांग की है। आतंकवाद के आरोपों को खारिज करते हुए यूक्रेन ने इसे भारत-यूक्रेन के रिश्ते बिगाड़ने की एक 'रूसी साजिश' बताया है। पढ़ें पूरी खबर।

यूक्रेन ने भारत के मिजोरम राज्य में हिरासत में लिए गए अपने छह नागरिकों के मामले में एक पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यूक्रेन ने आतंकवादी गतिविधियों में अपने नागरिकों की संलिप्तता के किसी भी दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और रूस पर आरोप लगाया है कि वह यूक्रेन और भारत के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
हिरासत का कारण और आरोप?
छह यूक्रेनी नागरिकों को मिजोरम में बिना अनुमति (ऑथराइजेशन) के प्रवेश करने और संदिग्ध गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इस मामले में एक अमेरिकी नागरिक को भी हिरासत में लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन व्यक्तियों पर म्यांमार के कुछ ऐसे गुटों की मदद करने का आरोप है, जिनके संबंध भारत विरोधी विद्रोही समूहों से माने जाते हैं।
भारत का रुख: विदेश मंत्रालय (MEA) का बयान
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा: भारत में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जो प्रतिबंधित और संरक्षित हैं। ऐसे क्षेत्रों की यात्रा करने के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है। इन विदेशी नागरिकों के पास यह विशेष अनुमति थी या नहीं, यह मामला अब अदालत में है। अदालत में तथ्य पेश किए जाएंगे और उसके बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी। ऐसा माना जा रहा है कि भारत के उस हिस्से में यात्रा करने के लिए उन्हें कुछ विशेष दस्तावेजों की आवश्यकता थी।
यूक्रेन के कूटनीतिक कदम और सफाई
भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने हाल ही में विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की और हिरासत में लिए गए अपने नागरिकों तक राजनयिक पहुंच की मांग की है। यूक्रेन के दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि वह यूक्रेनी राज्य के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के किसी भी आरोप को दृढ़ता से खारिज करता है। दूतावास ने कहा- यूक्रेन एक ऐसा देश है जो हर दिन रूसी आतंक का सामना करता है और यही कारण है कि वह सभी रूपों में आतंकवाद से लड़ने के लिए एक सैद्धांतिक और अडिग रुख अपनाता है।
रूस पर भारत-यूक्रेन के रिश्ते बिगाड़ने का आरोप
यूक्रेनी दूतावास ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर 'गंभीर चिंता' व्यक्त की जिनमें कहा गया था कि इस मामले में कार्रवाई रूसी पक्ष से मिली जानकारी के आधार पर की गई है। यूक्रेन ने इसे एक संभावित सुनियोजित और राजनीति से प्रेरित कदम बताया। यूक्रेन का आरोप है कि रूस एक आक्रामक देश के रूप में किसी भी परिस्थिति में दो मित्र देशों (भारत और यूक्रेन) के बीच दूरियां पैदा करना चाहता है।
पीएम मोदी की यात्रा का हवाला और सहयोग की पेशकश
यूक्रेन ने भारत के साथ अपने संबंधों का हवाला देते हुए याद दिलाया कि दोनों देश आतंकवाद से लड़ने पर अपना साझा रुख पहले ही साफ कर चुके हैं। 23 अगस्त, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूक्रेन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की थी। यूक्रेन ने कहा है कि आतंकवाद से जुड़े किसी भी आरोप की जांच केवल सत्यापित तथ्यों, पारदर्शी प्रक्रियाओं और पूर्ण अंतर-सरकारी सहयोग के आधार पर होनी चाहिए। यूक्रेन ने आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता पर द्विपक्षीय संधि के तहत भारतीय अधिकारियों के साथ सक्रिय सहयोग करने की अपनी तत्परता व्यक्त की है।
अंत में, यूक्रेन ने चेतावनी दी है कि इस मामले का इस्तेमाल उसे बदनाम करने या भारत-यूक्रेन संबंधों में अविश्वास पैदा करने के लिए किया गया, तो इसे द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास माना जाएगा, जो कि वर्तमान में लगातार विकसित हो रहे हैं।




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