NIA arrests 7 foreigners ukraine US terror plot india drone smuggling ड्रोन का जखीरा लेकर आए यूक्रेनी-अमेरिकी नागरिक, दुश्मनों संग रची भारत को दहलाने की साजिश, India News in Hindi - Hindustan
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ड्रोन का जखीरा लेकर आए यूक्रेनी-अमेरिकी नागरिक, दुश्मनों संग रची भारत को दहलाने की साजिश

एनआईए ने भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने और म्यांमार के विद्रोही गुटों को ड्रोन सप्लाई करने के आरोप में 6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है। इस इंटरनेशनल नेक्सस की पूरी खबर यहां पढ़ें।

Tue, 17 March 2026 10:46 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ड्रोन का जखीरा लेकर आए यूक्रेनी-अमेरिकी नागरिक, दुश्मनों संग रची भारत को दहलाने की साजिश

राष्ट्रीय जांच एजंसी (NIA) ने भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप में सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें छह यूक्रेन के नागरिक और एक अमेरिका (यूएस) का नागरिक शामिल है। एनआईए की कई टीमों ने पिछले सप्ताह एक संयुक्त और समन्वित अभियान चलाकर इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया।

इन पर आरोप है कि उन्होंने भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रची थी। उन्होंने यूरोप से बड़ी मात्रा में ड्रोन भारत के रास्ते मंगवाए फिर बिना इजाजत मिजोरम गए और वहां से म्यांमार जाकर भारत-विरोधी जातीय सशस्त्र समूहों से हाथ मिलाया। आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में शुक्रवार शाम को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी।

कहां से पकड़े गए?

अमेरिकी नागरिक को इमिग्रेशन ब्यूरो ने कोलकाता हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया। वहीं, लखनऊ और दिल्ली के हवाई अड्डों से तीन-तीन यूक्रेनी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। संदिग्धों को दिल्ली लाकर शनिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद सोमवार को उनकी रिमांड 11 दिन बढ़ाकर 27 मार्च तक कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला और साजिश?

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि यह मामला सीमा पार की गतिविधियों और हथियारों की तस्करी से जुड़ा है। आरोपी वैध वीजा पर भारत आए थे, लेकिन वे अनिवार्य 'प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट' लिए बिना ही मिजोरम पहुंच गए। मिजोरम से उन्होंने म्यांमार की सीमा में प्रवेश किया। वहां उन्होंने कथित तौर पर उन जातीय समूहों से मुलाकात की जो भारत का विरोध करते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन आरोपियों ने यूरोप से ड्रोन की कई खेप लाकर मिजोरम में पहुंचाई थीं।

विद्रोही गुटों को समर्थन

एनआईए के अनुसार, ये आरोपी हथियारबंद जातीय समूहों के इस्तेमाल के लिए यूरोप से भारत के रास्ते म्यांमार तक भारी मात्रा में ड्रोन के अवैध आयात में शामिल थे। कथित तौर पर ये जातीय समूह प्रतिबंधित भारतीय विद्रोही गुटों को हथियार, आतंकी साजो-सामान और ट्रेनिंग देकर उनकी मदद कर रहे थे।

अदालत में एनआईए की दलीलें

एनआईए की ओर से विशेष लोक अभियोजक (SPP) राहुल त्यागी, पीपी अनिल डबास और वकील जतिन व अमित रोहिल्ला ने अदालत में पक्ष रखा और रिमांड की मांग की। एनआईए ने अदालत को बताया कि आरोपियों और उनके फरार साथियों द्वारा रची गई पूरी साजिश का पर्दाफाश करने और अधिक सबूत जुटाने के लिए हिरासत जरूरी है।

रूट और फंडिंग की जांच

जांच एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि आरोपियों ने तस्करी के लिए कौन सा मार्ग अपनाया था। साथ ही, टेरर फंडिंग के स्रोत का पता लगाने के लिए आरोपियों के मोबाइल डेटा का विश्लेषण करना आवश्यक है। एनआईए उन करीबी अज्ञात साथियों को भी पकड़ना चाहती है जो अभी फरार हैं। उम्मीद है कि आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स के तकनीकी विश्लेषण के बाद इन साथियों के नाम भी सामने आएंगे।

इस मामले पर पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने रिमांड को सही ठहराते हुए कहा कि सबूत जुटाने, आपराधिक साजिश का पर्दाफाश करने, सह-आरोपियों की पहचान करने और आरोपियों के मोबाइल डेटा के विश्लेषण जैसे पहलुओं को देखते हुए आरोपियों को पुलिस हिरासत में रखना उचित है।