युद्ध का अखाड़ा बन चुके स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकले भारत के 2 और जहाज, LPG संकट से मिलेगी राहत
आपको बता दें कि भारत में कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई 80% तक गिर गई थी और कीमतें 2,300 के पार चली गई थीं। इन जहाजों के पहुंचने से सप्लाई चेन में बफर स्टॉक बढ़ेगा।

भारत में गहराते रसोई गैस (LPG) संकट के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच हुई बातचीत के बाद ईरान ने दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाजों को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह कदम भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल एलपीजी की भारी किल्लत के चलते देश में रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर ठप होने की कगार पर पहुंच गया था।
ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली सीधी बातचीत थी। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर इस चर्चा की पुष्टि करते हुए कहा, "ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से बातचीत की, जिसमें क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा हुई। तनाव बढ़ने, आम नागरिकों की जान जाने और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा, साथ ही सामान और ऊर्जा के निर्बाध आवागमन की आवश्यकता, भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताएं बनी हुई हैं। शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और बातचीत तथा कूटनीति का आग्रह किया।"
इसके साथ ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ गहन चर्चा की, जिसके कुछ ही घंटों बाद जहाजों की आवाजाही को हरी झंडी मिल गई।
और भी जहाजों को मिलेगी इजाजत
ईरानी राजदूत मोहम्मद फताली ने इस निर्णय को भारत और ईरान की पुरानी दोस्ती का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि ईरान और भारत मित्र हैं। हमारे हित और हमारा भाग्य एक समान है।" राजदूत ने उल्लेख किया कि युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में ईरान की सहायता की है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत के करीब दो दर्जन अन्य जहाजों को भी सुरक्षित मार्ग देने पर चर्चा जारी है।
आपको बता दें कि भारत में कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई 80% तक गिर गई थी और कीमतें 2,300 के पार चली गई थीं। इन जहाजों के पहुंचने से सप्लाई चेन में बफर स्टॉक बढ़ेगा।
एक अन्य सकारात्मक खबर यह है कि सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आ रहा एक टैंकर शनिवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है। यह जहाज भी सफलतापूर्वक 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को पार कर चुका है। वर्तमान में लगभग 24 भारतीय जहाज हॉर्मुज के पश्चिम में फंसे हुए हैं। भारत सरकार लगातार ईरान के संपर्क में है ताकि उन सभी को सुरक्षित निकाला जा सके।




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