TVK ने बताया तमिलनाडु CM विजय ने क्यों किया LTTE चीफ प्रभाकरन को याद; BJP का राहुल गांधी पर निशाना
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलापति द्वारा लिट्टे चीफ प्रभाकरन को याद करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्हें याद दिलाया कि पूर्व पीएम और उनके पिता राजीव गांधी की हत्या लिट्टे द्वारा ही की गई थी।

TVK explains why Tamil Nadu CM Vijay remembered LTTE chief: तमिलनाडु के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय विजय टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के पूर्व चीफ प्रभाकरन को उनकी पुण्यतिथि पर याद करके विवादों में आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मुद्दे को लेकर विजय को समर्थन देने वाली कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा है। भाजपा की तरफ से राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी को याद दिलाने की कोशिश की कि उनके पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में प्रभाकरन भी शामिल था। विवाद को बढ़ता देख तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की तरफ से सूत्रों के माध्यम से बयान सामने आया है।
तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की तरफ से कहा गया कि विजय का 'मुल्लिवैक्काल' को याद करना, उन हजारों तमिल लोगों के नरसंहार से था, जिनका बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। इसमें केवल प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देना शामिल नहीं था। निर्दोष लोगों के नरसंहार को याद करके उन्हें श्रद्धांजलि देना एक संवेदनशील नेता का कर्तव्य है। बता दें, दुनियाभर में तमिल समुदाय के लोग 18 मई को मुल्लिवैक्काल स्मृति दिवस मनाते हैं। यह दिन उन तमिल लोगों के लिए है, जिन्होंने श्रीलंकाई गृहयुद्ध में अपनी जान गंवाई है।
भाजपा ने साधा निशाना
18 मई 2009 में मुल्लिवैक्काल की घटना को याद करते हुए विजय ने जैसे ही पोस्ट किया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी पर तंज कसना शुरू कर दिया। भाजपा नेता और आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने विजय द्वारा प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दिए जाने पर राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने राहुल को याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में LTTE का ही हाथ था। मालवीय ने लिखा ,"तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। बेशक, राहुल गांधी को इससे कोई समस्या नहीं होगी, जब तक कांग्रेस को सत्ता में हिस्सा मिलता रहे। आखिर DMK भी LTTE की समर्थक रही है, फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में पूरी तरह सहज रही।”
क्या है मुल्लिवैक्काल स्मृति दिवस
श्रीलंका की आजादी के बाद से भारत से गए तमिलों ने अपने लिए अलग देश की मांग करना शुरू कर दी थी। इसके बाद एक सिंहलों और तमिलों के बीच में एक भीषण युद्ध शुरू हो गया। शुरुआत में तमिलों के इस संघर्ष को भारत का भी समर्थन प्राप्त रहा। हालांकि बाद में 1991 में प्रभाकरन के नेतृत्व में उसके साथियों ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी। इसके बाद भारत ने LTTE पर बैन लगा दिया। श्रीलंकाई सरकार ने भी इसके बाद इन अलगाववादियों को खत्म करना शुरू किया। भीषण संघर्ष के बाद 18 मई 2009 को मुल्लिवैक्काल नामक तटीय गांव में प्रभाकरन की हत्या के साथ ही 30 वर्षों तक चला श्रीलंकाई गृह युद्ध समाप्त हो गया। इसी नरसंहार की याद में हर साल दुनियाभर में मौजूद तमिल समुदाय के लोग इस घटना को याद करते हैं।
चूंकि श्रीलंका में मौजूद तमिल समुदाय भारत से ही वहां पर गया है। ऐसे में दोनों के बीच में एक भावनात्मक जुड़ाव भी है। पहले द्रमुक और अब विजय इसी भावनात्मक जुड़ाव का सम्मान करते हुए प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देते रहे हैं। यह पहली बार नहीं है, जब विजय ने LTTE चीफ को याद किया हो। इससे पहले भी वह नागपट्टिनम की एक रैली में उन्हें याद कर चुके हैं। इस रैली के दौरान विजय ने कहा था कि, "हम अपने ईलम तमिल भाई-बहनों, चाहे वह श्रीलंका में हों या दुनिया के किसी भी हिस्से में हों। उन्हें अपना नेता (प्रभाकरन) खोने के बाद दुख में देखते हैं। वह नेता जिसने उन्हें मां की तरह प्यार किया। उन भाई-बहनों के लिए आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है।"




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