बंगाल में सत्ता जाते ही बिखरने लगा TMC का कुनबा, अभिषेक और ममता बनर्जी पर जमकर हमले
पश्चिम बंगाल में सत्ता के हाथ से जाते ही ममता बनर्जी की पार्टी बिखरने लगी है। पार्टी के तमाम नेताओं ने ममता और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ हमला करना शुरू कर दिया है। इन नेताओं पर ऐक्शन लेते हुए पार्टी ने तीन को निष्कासित कर दिया है।

पश्चिम बंगाल में सत्ता जाते ही ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पार्टी के तमाम नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को पार्टी की तरफ से इस तरह की बयान बाजी पर ऐक्शन लेते हुए तीन प्रवक्ताओं को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया है, जबकि कुछ नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। लेकिन इसके बाद भी असंतोष की आवाजें शांत नहीं हो रही है।
तृणमूल कांग्रेस की तरफ से निष्कासित किए गए नेताओं में सबसे बड़ा नाम पार्टी के पूर्व प्रवक्ता रीजू दत्ता का है, जो अक्सर टीवी डिबेट्स में पार्टी का पक्ष रखते हुए नजर आते थे। चुनाव के दौरान ही रीजू दत्ता का आईपीएस अजय पाल शर्मा को लेकर एक आपत्तिजनक वीडियो भी वायरल हुआ था। चुनावी नतीजे सामने आने के बाद रीजू ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट करके मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी और अन्य भाजपा नेताओं से पिछले अपमानजनक व्यवहार के लिए माफी भी मांगी। उन्होंने दावा किया कि जब अधिकारी विपक्ष के नेता थे, तब टीएमसी के भीतर से उन पर ऐसे बयान देने के लिए भारी दबाव और धमकियाँ थीं। दत्ता ने उन्हें सुरक्षा और समर्थन देने के लिए भाजपा की भी प्रशंसा की। टीएमसी ने दत्ता को अनुशासन समिति के सामने पेश होने को कहा था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए।
सुभेंदु ने दो दिन में बचाई 5 हजार टीएमसी कार्यकर्ताओं की जान: रीजू
रीजू ने हाल ही में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को ही हार का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इन नेताओं ने ही पार्टी के पूरे संगठन के ऊपर एक प्राइवेट कंपनी (आई-पैक) को प्राथमिकता दी। इसके अलावा उन्होंने सुभेंदु अधिकारी की तारीफ करते हुए कहा कि दो दिनों के अंदर ही उन्होंने करीब 5000 टीएमसी कार्यकर्ताओं की जान बचाई है। रीजू ने कहा, "सुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री रहते दो दिन हुए हैं, लेकिन उन्होंने करीब 5 हजार टीएमसी कार्यकर्ताओं की जान बचाई है। 6 मई को उनके पीए की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अगर सुभेंदु कह देते कि बदला लेना है, तो उस रात करीब 5 हजार टीएमसी कार्यकर्ता मारे जाते। लेकिन सुभेंदु ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की जरूरत नहीं है। सभी शांति बनाए रखें। इसके लिए मैं उनका सम्मान करता हूं।"
मनोज तिवारी ने सीधा ममता पर किया हमला
रीजू से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर और ममता सरकार में मंत्री रह चुके मनोज तिवारी ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने दावा किया था कि पार्टी की तरफ से टिकट देने के बदले में सभी विधायकों से पांच करोड़ रुपए की मांग की गई थी। जब उन्होंने इसे देने से इनकार किया तो पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। इतना ही नहीं तिवारी ने दावा किया कि उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान भी टीएमसी नेता अरूप विश्वास द्वारा कोई काम नहीं करने दिया गया। एक बार जब वह ममता बनर्जी के सामने अपने क्षेत्र के काम के लिए पहुंचे, तो मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें झिड़क दिया गया।
रीजू और मनोज तिवारी के अलावा टीएमसी प्रवक्ता कोहिनूर मजूमदार और कार्तिक घोष को भी पार्टी ने निष्कासित किया है। कोहिनूर ने चुनावी हार के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को ही इसका जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं और अभिषेक बनर्जी से मिलने के लिए घंटो इंतजार करना पड़ता है। इन नेताओं के अलावा कृष्णेंदु नारायण चौधरी, पापिया घोष ने भी खुलकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है। इसके बाद इन नेताओं को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है।




साइन इन