विजय के CM बनते ही तमिलनाडु चुनाव में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा, विदेशी नागरिकों की उंगली पर मिला स्याही का निशान
अधिकारियों ने दस लोगों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। इनमें 4 महिलाएं भी हैं। सभी के पास से विदेशी पासपोर्ट के साथ-साथ भारत का वोटर आईडी कार्ड भी मिला है।

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने और विजय के CM पद की शपथ लेने के बाद अब वोटिंग में बड़े फर्जीवाड़े की खबर सामने आई है। गुरुवार को यहां इमिग्रेशन अधिकारियों ने चेन्नई और मदुरै हवाई अड्डे पर 10 ऐसे विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है जिनकी उंगली पर स्याही के निशान मिले हैं। कथित तौर पर ये सभी विदेशी अपने अपने देश लौटने की तैयारी में थे। पकड़े गए लोगों में श्रीलंका, ब्रिटेन, कनाडा और यहां तक कि इंडोनेशिया के नागरिक भी शामिल हैं।
आरोप है कि इन लोगों ने विदेशी पासपोर्ट होने के बावजूद हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मतदान किया। मामला तब सामने आया जब एयरपोर्ट पर प्री-डिपार्चर जांच के दौरान अधिकारियों की नजर यात्रियों की इंडेक्स फिंगर पर पड़ी। अधिकारी उनकी उंगली पर चुनाव बाद लगाए जाने वाली स्याही के निशान देखकर दंग रह गए। आमतौर पर यह स्याही वोट डालने के बाद लगाई जाती है। शक होने पर जब उनसे पूछताछ की गई तो पूरा मामला सामने आया।
विदेशी पासपोर्ट भी मिला
गिरफ्तार किए गए लोगों में ज्यादातर श्रीलंका के नागरिक हैं। वहीं कुछ अन्य आरोपी ब्रिटेन, इंडोनेशिया और कनाडा के भी हैं। इनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें रंजिनी, सरफुद्दीन, निलांती, जयंतन, चार्ली बालचंद्रन, चक्रवर्ती लोगप्रिया और सुनीता चक्रवर्ती श्रीलंकाई नागरिक है। इनके अलावा ब्रिटेन के अय्यादुरई, इंडोनेशिया के टिटिन मरियाती और कनाडा के जितेन्द्रनाथ को भी हिरासत में लिया गया है।
जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला है कि इन सभी के पास विदेशी पासपोर्ट होने के साथ-साथ भारत का वोटर आईडी कार्ड भी मौजूद था। बता दें कि भारतीय कानून के मुताबिक यह पूरी तरह गैरकानूनी है। अब अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि इन लोगों को वोटर आईडी कैसे मिला और क्या उन्होंने सच में वोट डाला था या नहीं।
SIR को लेकर मचा है हंगामा
यह मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब चुनाव से पहले ही मतदाता सूची के रिवीजन के लिए SIR की प्रकिया हुई थी। अब जांच एजेंसियां ट्रैवल रिकॉर्ड, वोटर रजिस्ट्रेशन आईडी और मतदान से जुड़े आंकड़ों की गहन जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। यह मामला सामने आने के बाद तमिलनाडु की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और आने वाले दिनों में यह एक बड़ा विवाद बन सकता है।




साइन इन