तमिलनाडु में विजय को समर्थन देना पड़ा भारी, AIADMK के बागी विधायकों पर ऐक्शन
तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके को वोट देने वाले AIADMK के बागी विधायकों पर ऐक्शन शुरू हो गया है। 29 AIADMK नेताओं को, जिनमें 13 मौजूदा विधायक भी शामिल हैं, पार्टी के अलग-अलग पदों से हटा दिया गया है।

तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट के दौरान मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके को वोट देने वाले AIADMK के बागी विधायकों पर ऐक्शन शुरू हो गया है। पार्टी ने सीवी शनमुगम, एसपी वेलुमणि और विजयभास्कर समेत अन्य विधायकों को पार्टी पदों से हटा दिया है। AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने बुधवार बताया कि वेलुमणी, षणमुगम और विजयभास्कर समेत कई नेताओं को उनके पार्टी पदों से हटा दिया गया। पार्टी प्रमुख ने नाथम आर विश्वनाथम समेत उन बागी विधायकों पर सख्त कार्रवाई की, जिन्होंने पार्टी के आदेश की अवहेलना करते हुए, दिन में पहले विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में वोट दिया था। पलानीस्वामी ने इन 25 विधायकों के पार्टी पदों में बदलाव किया और उनकी जगह नए जिला सचिव नियुक्त किए।
कुल 29 AIADMK नेताओं को, जिनमें 13 मौजूदा विधायक भी शामिल हैं, पार्टी के अलग-अलग पदों से हटा दिया गया है। आर. कामराज, थंगामणि, के.पी. अनबझगन, बेंजामिन, उदुमलाई राधाकृष्णन, एसाकी सुब्बैया, एम.सी. संपत, के.सी. वीरमणि और एम.आर. विजयभास्कर भी पद से हटाए जाने वालों की सूची में शामिल हैं। षणमुगम और एक अन्य वरिष्ठ नेता एस पी वेलुमणि के समर्थन में एकजुट हुए 25 अन्नाद्रमुक विधायकों के क्रॉस-वोटिंग से टीवीके सरकार को 234 सदस्यीय सदन में बहुमत में सुधार हुआ और उसे 144 विधायकों का समर्थन मिल गया। डीएमके ने सदन से वॉकआउट किया, जबकि पीएमके ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया और एकमात्र भाजपा विधायक तटस्थ रहे। पलानीस्वामी के प्रति निष्ठा रखने वाले 21 अन्य अन्नाद्रमुक विधायकों ने सरकार के खिलाफ मतदान किया।
'टीवीके और हमारा वैचारिक एजेंडा समान'
बागी नेता सी वी षणमुगम ने दावा किया कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और अन्नाद्रमुक का वैचारिक एजेंडा समान है, दोनों द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) को एक बुरी ताकत के रूप में देखते हैं और इसी कारण विपक्षी दल के विधायकों के एक वर्ग ने सदन में बहुमत परीक्षण में सरकार का समर्थन किया। तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत परीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, षणमुगम ने अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी के इस दावे को खारिज कर दिया कि सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार का समर्थन करने के बदले उन्हें मंत्री पद मिलेंगे।
AIADMK के 25 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक)के 25 बागी सदस्यों द्वारा 'क्रॉस-वोटिंग' किए जाने के बाद सी जोसेफ विजय नीत सरकार के पक्ष में मतों की संख्या 144 तक पहुंच गई, जो विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए आवश्यक जादुई आंकड़े 118 से कहीं अधिक है। हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने विश्वास प्रस्ताव के दौरान विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) विधायक उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि टीवीके सरकार 'उधार' के सहयोगियों के सहारे और अन्नाद्रमुक को विभाजित करके सत्ता में आई है। मुख्यमंत्री विजय द्वारा पेश विश्वास प्रस्ताव के दौरान पूर्व राज्य मंत्रियों एस पी वेलुमणि और सी वे षनमुगम सहित अन्नाद्रमुक के 25 विधायकों ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार के समर्थन में मतदान किया। विश्वास प्रस्ताव के दौरान टीवीके के पास सदन में प्रभावी तरीके से 105 विधायक थे। अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के एकमात्र विधायक एस कामराज ने भी सरकार के पक्ष में मतदान किया। उन्हें पार्टी प्रमुख टी टी वी दिनाकरन ने टीवीके का समर्थन करने के लिए 12 मई को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।




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