तमिलनाडु CM विजय करने जा रहे कैबिनेट विस्तार; कांग्रेस के जागेंगे भाग्य, क्यों हो रही देरी?
5 विधायकों वाली कांग्रेस को 2 मंत्री पद मिलने की संभावना है। कांग्रेस विधायक दल के नेता एस राजेश कुमार का मंत्री बनना तय माना जा रहा है। वहीं पी विश्वनाथन या महिला विधायक थारगई कथबर्ट को भी मौका मिल सकता है।

तमिलनाडु में हाल ही में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले विजय जल्द ही अपने कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं। इस विस्तार के साथ ही TVK की नई सहयोगी बनी कांग्रेस राज्य में करीब छह दशक बाद सरकार में शामिल हो जाएगी। इससे पहले विजय के साथ तमिझगा वेट्री कषगम (TVK) के ही नौ अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। जानकारी के मुताबिक राज्यपाल वीआर आर्लेकर बुधवार शाम को केरल से लौट रहे हैं। इसके बाद गुरुवार को मंत्रिपरिषद के विस्तार की उम्मीद है।
कांग्रेस के लिए यह बेहद अहम घटना होगी। इससे पहले 2006 में जब द्रमुक बहुमत से पीछे रह गयी थी, तब कांग्रेस ने उस सरकार को समर्थन जरूर दिया था लेकिन तब पार्टी सरकार में नहीं शामिल हो पायी थी। हालांकि इस बार कांग्रेस ने यह मौका हाथ से नहीं जाने दिया है। वहीं विजय ने भी कांग्रेस के मंत्रिपरिषद का हिस्सा बनने के प्रस्ताव को स्वीकार लिया है।
कांग्रेस को 2 मंत्री पद की संभावना
तमिलनाडु के हालिया चुनावों में पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस को दो मंत्री पद मिलने की संभावना है। जहां कांग्रेस विधायक दल के नेता एस राजेश कुमार का मंत्री बनना तय माना जा रहा है, वहीं दूसरे पद के लिए पी. चिदंबरम गुट के समर्थक पी विश्वनाथन और महिला विधायक थारगई कथबर्ट के बीच कड़ा मुकाबला होने की खबरें हैं। इसके साथ ही, 1967 के चुनावों में कांग्रेस की कामराज सरकार के सत्ता से हटने के बाद पहली बार पार्टी मंत्रिमंडल में जगह बनाएगी।
राज्यसभा सीट की भी उम्मीद
दो मंत्री पदों के अलावा कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट भी मिलने की उम्मीद है। यह सीट अन्नाद्रमुक के बागी विधायक सीवी षणमुगम के इस्तीफे से खाली हुई थी। दूसरी तरफ थोल थिरुमावलवन की पार्टी विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK), जिसने वामपंथी दलों और IUML की तरह बिना किसी शर्त के 'बाहरी' समर्थन दिया है, उसके भी विजय कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद है।
क्यों हो रही देरी?
सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी की असली वजह अन्नाद्रमुक में चल रही अंदरूनी कलह और बगावत है। पार्टी के पूर्व मंत्रियों और कद्दावर नेता षणमुगम, एसपी वेलुमणि और सी विजय भास्कर के नेतृत्व वाले बागी गुट ने पार्टी के निर्देश के खिलाफ जाकर विजय के विश्वास मत का समर्थन किया था। इसके बाद अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने इन 25 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से संपर्क किया था। विशेषज्ञों के मुताबिक विजय के लिए बागी विधायकों में से कुछ को अपने मंत्रिमंडल में शामिल करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। लेकिन उन्हें सरकार में जगह देने को लेकर चल रही बातचीत में समय लग गया है। इसके अलावा खुद TVK के अंदर भी मंत्री पदों को लेकर होड़ मची हुई है।




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