Suvendu Adhikari will not stop Mamata Banerjee Lakshmir Bhandar Scheme what it is ममता बनर्जी की यह योजना नहीं रोकेंगे शुभेंदु अधिकारी, महिलाओं की बड़ी मददगार है ‘लक्ष्मी भंडार’, India News in Hindi - Hindustan
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ममता बनर्जी की यह योजना नहीं रोकेंगे शुभेंदु अधिकारी, महिलाओं की बड़ी मददगार है ‘लक्ष्मी भंडार’

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अब ऐक्शन मोड में आ चुके हैं। सोमवार को उन्होंने कुछ अहम ऐलान किए। इसमें एक ऐलान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार से जुड़ा था। शुभेंदु अधिकारी ने कहाकि भाजपा सरकार, लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर लगाम नहीं लगाएगी।

Mon, 11 May 2026 04:10 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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ममता बनर्जी की यह योजना नहीं रोकेंगे शुभेंदु अधिकारी, महिलाओं की बड़ी मददगार है ‘लक्ष्मी भंडार’

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अब ऐक्शन मोड में आ चुके हैं। सोमवार को उन्होंने कुछ अहम ऐलान किए। इसमें एक ऐलान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार से जुड़ा था। शुभेंदु अधिकारी ने कहाकि भाजपा सरकार, लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर लगाम नहीं लगाएगी। अधिकारी ने सोमवार को एक कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता की, जिसमें छह फैसले लिए गए। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने लक्ष्मी भंडार योजना को लेकर भी बात की। शुभेंदु सरकार ने हिंसामुक्त और सफल चुनाव के लिए चुनाव आयोग का शुक्रिया अदा किया। इसके अलावा प्रदेश में चुनावी हिंसा के दौरान मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं को भी श्रद्धांजलि दी गई।

क्या है लक्ष्मी भंडार योजना
लक्ष्मी भंडार योजना ममता बनर्जी सरकार द्वारा शुरू की गई अति महत्वाकांक्षी योजना थी। इसे साल 2021 में लांच किया गया था। इस योजना के तहत समाज की आर्थिक रूप से महिलाओं को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाती है। इस योजना के लिए योग्य अभ्यर्थियों में 25 से 60 साल की महिलाएं शामिल हैं। इसके तहत एससी या आदिवासी महिलाओं को हर महीने 1200 रुपए और अन्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपए हर महीने दिया जाता है। 2021 चुनाव से पहले इस योजना को ममता का मास्टरस्ट्रोक माना गया था। इस योजना ने ममता के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर की काट के तौर पर काम किया।

जारी रहेंगी कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने बल देकर कहा कि पारदर्शिता में सुधार लाने एवं लाभों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली शुरू की जाएगी। अधिकारी ने कहाकि हम बेईमान लोगों को पिछले दरवाजे से एवं खामियों के माध्यम से इन योजनाओं का लाभ नहीं उठाने देंगे और सब कुछ पारदर्शी होगा। वहीं, राज्य में बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने के लिए सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट देने की भी घोषणा की। शुभेंदु अधिकारी ने कहाकि हमने राज्य में सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए ऊपरी सीमा में पांच साल की छूट देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहाकि राज्य को केंद्र की कई प्रमुख योजनाओं के साथ ज्यादा निकटता से जोड़ते हुए सुशासन, सुरक्षा एवं विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

नबन्ना में BJP सरकार की पहली बैठक
बता दें कि पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने सोमवार को राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। बैठक के बाद सरकार ने प्रशासनिक, सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी उपायों की एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की, जिसमें भारत-बंगलादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को भूमि हस्तांतरित करना और राज्य में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना सहित केंद्र की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं को शुरू करना शामिल है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक से बाहर निकलने के बाद कहाकि आज हमारी पहली कैबिनेट बैठक में हमने बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। यह हस्तांतरण प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है और इसे अगले 45 दिनों के भीतर गृह मंत्रालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, बीएसएफ सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर लेगी और अवैध घुसपैठ के मुद्दे का समाधान थोड़े समय में कर लिया जाएगा।

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गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान के दौरान सीमा पर बाड़ लगाना एवं घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए बीएसएफ को भारत-बंगलादेश सीमा पर भूमि आवंटित करना भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दों में शामिल था। अधिकारी के साथ उनके कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष, निशीथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू भी मौजूद थे।