BJP MLA on Congress Kerala CM Candidates alleges name of Muslim League for delay एजेंडा तो मुस्लिम लीग...केरल में सीएम चुनने में देरी को लेकर कांग्रेस पर भड़के भाजपा विधायक, India News in Hindi - Hindustan
More

एजेंडा तो मुस्लिम लीग...केरल में सीएम चुनने में देरी को लेकर कांग्रेस पर भड़के भाजपा विधायक

केरल में कांग्रेस अभी तक अपना मुख्यमंत्री नहीं चुन पाई है। इस बीच यहां से भाजपा विधायक वी मुरलीधरन ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा विधायक ने परिणाम आने के इतने दिन बाद तक मुख्यमंत्री न चुन पाने पर कांग्रेस की आलोचना की है।

Mon, 11 May 2026 03:10 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, तिरुवनंतपुरम
share
एजेंडा तो मुस्लिम लीग...केरल में सीएम चुनने में देरी को लेकर कांग्रेस पर भड़के भाजपा विधायक

केरल में कांग्रेस अभी तक अपना मुख्यमंत्री नहीं चुन पाई है। इस बीच यहां से भाजपा विधायक वी मुरलीधरन ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा विधायक ने परिणाम आने के इतने दिन बाद तक मुख्यमंत्री न चुन पाने पर कांग्रेस की आलोचना की है। मुरलीधरन ने कहाकि कांग्रेस को केरल के लोगों की परवाह नहीं है। यह लोग बस सत्ता के पीछे भागते हैं। इतना ही नहीं, आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए भाजपा विधायक ने कहाकि अगर कांग्रेस के मुख्यमंत्री का चयन मुस्लिम लीग ही करेगी तो वह सरकार में क्या फैसले ले पाएंगे। पूरा एजेंडा तो मुस्लिम लीग द्वारा तय किया जाएगा। गौरतलब है कि केरल में कांग्रेस गठबंधन को बहुमत मिला है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग इस गठबंधन का अहम हिस्सा है।

केरल के लोगों की परवाह नहीं
भाजपा विधायक मुरलीधरन ने कहाकि मुख्यमंत्री के चयन में देरी बताती है कि कांग्रेस को केरल के लोगों की परवाह नहीं है। इतना जबर्दस्त बहुमत पाने के बावजूद, कांग्रेस मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नाम पर एकमत नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहाकि चाहे कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर का नेतृत्व हो या फिर राज्य स्तर का, किसी को भी केरल के लोगों की परवाह नहीं है। भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोगों की प्राथमिकता सत्ता है, न कि लोग।

प्रदेश की जनता का अपमान
वी मुरलीधरन ने आगे कहाकि इस तरह का रवैया केरल की जनता का अपमान है। इस तरह के हालात पैदा करने के लिए कांग्रेस को केरल के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहाकि यह लोग बहुत सारी चीजों पर फैसला नहीं ले पाएंगे। मैं इस बात को लेकर निश्चिंत हूं कि यह सरकार साल भर से ज्यादा चल नहीं पाएगी। लोग इसके खिलाफ खड़े हो जाएंगे।

कांग्रेस में बनी हुई है अनिश्चितता
बता दें कि केरल के मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर अनिश्चितता बनी हुई है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री पद के तीन दावेदारों के साथ दो दिन पहले ही चर्चा की थी, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और विपक्ष के नेता वीडी सतीशन राज्य के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में हैं। आलाकमान ने शनिवार को नई दिल्ली में इन तीनों नेताओं से मुलाकात की। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) प्रमुख सनी जोसेफ और केरल की एआईसीसी प्रभारी महासचिव दीपा दासमुंशी भी बैठक में मौजूद रहे।

कब तक फैसला आने की उम्मीद
पार्टी नेताओं ने सोमवार को संकेत दिया कि नेतृत्व मुद्दे पर खरगे द्वारा वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात किए जाने के बाद निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आलाकमान घोषणा करने से पहले केरल में राजनीतिक माहौल के और शांत होने का इंतजार कर रहा है। यहां पिछले सप्ताह सतीशन और वेणुगोपाल के समर्थकों के बीच हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इन सभी मुद्दों को लेकर जारी चर्चाओं के बीच केरल में कांग्रेस के नेता अंतिम निर्णय को लेकर असमंजस में हैं। कांग्रेस गठबंधन के सहयोगी दल भी मुख्यमंत्री के चयन में हो रही देरी से नाखुश बताए जा रहे हैं, जबकि गठबंधन ने राज्य की 140 में से 102 सीट जीतकर भारी जनादेश हासिल किया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:PM मोदी की अपील से पहले ही 70 देशों में लागू WFH वाली पॉलिसी, AC पर भी कंट्रोल
ये भी पढ़ें:लॉकडाउन जैसे संयम की जरूरत, पीएम मोदी ने लोगों को क्यों किया सावधान?
ये भी पढ़ें:ममता बनर्जी को कांग्रेस और लेफ्ट से झटका, BJP के खिलाफ साथ आने से इनकार

क्या कह रहे कांग्रेस नेता
निर्णय में देरी के बारे में पूछे जाने पर नाम न छापने की शर्त पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहाकि विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। इसलिए कोई जल्दी नहीं है- चिंता क्यों करें? इस बीच, चेन्निथला ने सोमवार को कहाकि मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, उसे राज्य के कांग्रेस और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सभी कार्यकर्ता स्वीकार करेंगे।