शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की आ गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, हुए कई चौंकाने वाले खुलासे
शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद उनके शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। रिपोर्ट में सामने आया है कि गोली लगने की वजह से काफी खून बह गया, जिससे शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया।

Suvendu Adhikari PA Post Mortem Report: ममता बनर्जी को हराने वाले भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद सामने आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि रथ को तीन गोलियां लगी थीं। इसमें से दो सीने में और एक पेट में लगी। इसकी वजह से काफी खून बह गया और शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि रथ की मौत तुरंत ही हो गई थी।
रिपब्लिक टीवी के अनुसार, चंद्रनाथ का पोस्टमॉर्टम बारासात सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा किया गया। इसमें एक डिपार्टमेंट के हेड, दो असिस्टेंट प्रोफेसर थे। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी हुई। रिपोर्ट में सामने आया है कि गोली लगने की वजह से काफी खून बह गया, जिससे शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने कहा कि गोली ऐसी जगह लगी थी और इतने घाव हो गए थे कि बचना नामुमकिन था।
यह वारदात पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के चंद दिनों बाद हुई है। शुभेंदु अधिकारी इस बार दो जगह से चुनाव जीते। नंदीग्राम के अलावा, उन्होंने भवानीपुर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को पराजित किया। उनके पीए चंद्रनाथ रथ के मर्डर के समय साथ में ड्राइवर भी थे। इस घटना में ड्राइवर बुद्धदेव बेरा को भी गोली लगी। अस्पताल में बेरा की सर्जरी सफल रही और गोली को डॉक्टरों ने निकाल दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से भी कन्फर्म हुआ है कि सेमी ऑटोमैटिक हथियार से गोलियां चलाई गई थीं।
'रथ की नहीं थी राजनीतिक दुश्मनी'
बता दें कि शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि चंद्रनाथ रथ अगर उनके निजी सहायक के तौर पर काम नहीं करते तो शायद उनकी हत्या नहीं होती। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार कर लेगी। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि रथ की हत्या में सुपारी लेकर हत्या करने वाले संलिप्त थे। उन्होंने दावा किया कि रथ की किसी से कोई राजनीतिक दुश्मनी नहीं थी। रथ के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक स्थान पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर ले जाते समय शुभेंदु ने संवाददाताओं से कहा कि भारतीय वायु सेना के पूर्व कर्मी रथ की हत्या मेरे साथ उनके संबंध के कारण हुई है।
'भवानीपुर से नहीं जीतता तो नहीं जाती पीए की जान'
भाजपा नेता ने कहा, ''अगर भारतीय वायु सेना का पूर्व जवान मेरा निजी सहायक न होता और मैं भवानीपुर से चुनाव न जीता होता, तो शायद उसकी जान न जाती। उसकी एकमात्र गलती यह थी कि वह शुभेंदु अधिकारी का निजी सहायक था। उसकी जान लेने के लिए उस पर पांच गोलियां चलाई गईं।'' भाजपा के पश्चिम बंगाल यूनिट के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दोपहर करीब तीन बजे शव वाहन के चांदीपुर के लिए रवाना होने से पहले रथ को श्रद्धांजलि अर्पित की।




साइन इन