नहीं मांग सकती मौत की सजा, लेकिन... शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या पर बोलीं मां
रथ की मां ने टीवी चैनलों से कहा कि एक मां होने के नाते मैं किसी के लिए मौत की सजा नहीं मांग सकती। लेकिन मैं दोषियों के लिए उम्रकैद की मांग करूंगी। शोकाकुल मां ने दावा किया कि यह हत्या भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार का बदला है।

विधानसभा चुनाव नतीजे आने के महज 48 घंटे बाद अपने बेटे की मौत से स्तब्ध चंद्रनाथ रथ की मां ने गुरुवार को दोषियों को उम्रकैद की सजा देने की मांग की और दावा किया कि यह हत्या भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ ममता बनर्जी की हार का बदला है। अधिकारी के कार्यकारी सहायक रथ की बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे मध्यमग्राम के डोलतला इलाके में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोककर नजदीक से गोली चलाई और फिर फरार हो गए।
रथ की मां ने टीवी चैनलों से कहा, ''एक मां होने के नाते मैं किसी के लिए मौत की सजा नहीं मांग सकती। लेकिन मैं दोषियों के लिए उम्रकैद की मांग करूंगी।'' शोकाकुल मां ने दावा किया कि यह हत्या भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार का बदला है। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि जब शुभेंदु अधिकारी शांतिपूर्ण मतदान की अपील कर रहे थे, तब तृणमूल सार्वजनिक रूप से कह रही थी कि चार मई के नतीजों के बाद ''दिल्ली का कोई नेता भाजपा कार्यकर्ताओं को नहीं बचा पाएगा।''
उन्होंने आरोप लगाया, ''उन्होंने (तृणमूल नेताओं ने) अपनी बात सच साबित कर दी।'' उन्होंने कहा कि उनके बेटे को नंदीग्राम और भवानीपुर चुनावों की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रथ की मां ने स्थानीय टीवी चैनलों से बातचीत में आरोप लगाया, ''अगर उसकी मौत किसी दुर्घटना में होती तो मुझे इतना दुख नहीं होता। उसे नंदीग्राम और भवानीपुर चुनावों की जिम्मेदारी दी गयी थी और इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया।''
भाई ने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ की हत्या के बाद, चंद्रनाथ के छोटे भाई देव कुमार ने गुरुवार को इस हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के लिए कड़ी सजा की मांग की। चंद्रनाथ को बुधवार को गोली मारी गई थी और बाद में मध्यमग्राम के पास एक अस्पताल में चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। पत्रकारों से बात करते हुए देव कुमार ने बताया कि परिवार ने आखिरी बार बुधवार दोपहर को चंद्रनाथ से बात की थी और कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।




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