अगर राज्य की मशीनरी फेल है, तो हम देखेंगे कि क्या करना है; बंगाल में SIR अधिकारियों को धमकी पर SC
सोमवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अगर राज्य की मशीनरी अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही तो कोर्ट देखेगा कि क्या करना है। मालदा जिले में 7 अधिकारियों को लगभग 9 घंटे तक घेराव में रखा गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR अधिकारियों को धमकी दिए जाने के मामले पर कड़ी टिप्पणी की है। सोमवार को अदालत ने कहा कि अगर राज्य की मशीनरी फेल हो जाती है, तो हम देखेंगे कि क्या करना है। गौरतलब है कि बुधवार को कथित तौर पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में मालदा के मोथाबाड़ी में तनाव फैल गया था। नाराज मतदाताओं ने पूरे दिन सड़क जाम कर अपने मतदान अधिकार बहाल करने की मांग की।
रिपोर्ट के मुताबिक, रात में प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ कार्यालय का कई घंटों तक घेराव किया। इस दौरान 7 न्यायिक अधिकारियों को परिसर के अंदर बंधक बना लिया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर सभी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को इस मामले की जांच सीबीआई या एनआईए से कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने जांच NIA को सौंप दी, जिसने शुक्रवार से अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
NIA को मिली जांच
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी पूर्ण शक्तियों का प्रयोग करते हुए NIA को जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया, भले ही दर्ज एफआईआर का अपराध एनआईए के शेड्यूल वाले अपराध न हों। कोर्ट ने कहा कि अगर एनआईए को अन्य आयाम मिलते हैं तो वह अतिरिक्त FIR भी दर्ज कर सकता है। एनआईए को समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपनी होगी। आज एजेंसी ने सीलबंद लिफाफे में अपनी प्रारंभिक स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की है। साथ ही, SC ने राज्य पुलिस को मामले के सभी रिकॉर्ड तुरंत एनआईए को सौंपने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद प्रशासन और पुलिस के कई पदों पर आयोग ने अपने अधिकारियों को तैनात कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब मुख्य सचिव और डीजीपी उनसे संपर्क नहीं करते और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी अब आयोग की है। ममता बनर्जी ने घटना की निंदा की लेकिन कहा कि अधिकारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोग की है। सुप्रीम कोर्ट मतदाता सूची के SIR को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई कर रहा है। कोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि अगर राज्य SIR अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाता तो वह हस्तक्षेप करेगा।




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