Supreme Court hearing on SIR in West Bengal CJI Surya Kant angry over petition हम तय करें कि आपके माता पिता कौन हैं? SIR पर याचिका देखकर गुस्सा हुए CJI सूर्यकांत, India News in Hindi - Hindustan
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हम तय करें कि आपके माता पिता कौन हैं? SIR पर याचिका देखकर गुस्सा हुए CJI सूर्यकांत

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों को गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और एसआईआर से जुड़े अधिकारी के के दुरुपयोग के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग के लिए सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

Mon, 16 Feb 2026 01:42 PMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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हम तय करें कि आपके माता पिता कौन हैं? SIR पर याचिका देखकर गुस्सा हुए CJI सूर्यकांत

पश्चिम बंगाल SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इस बार याचिका दाखिल कर SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने जमकर नाराजगी जताई है। खास बात है कि SIR के मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार और ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग में तकरार जारी है।

बार एंड बेंच के अनुसार, मोहम्मद जिमफरहाद नोवाज ने याचिका दाखिल की थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट के इस्तेमाल को चुनौती दी है।

इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'आर्टिकल 32 में आप चाहते हैं कि हम यह तय करें कि आपके पिता, माता और आदि कौन हैं। यह आर्टिकल 32 याचिका का मजाक है।'

28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची होगी प्रकाशित

पीटीआई भाषा के अनुसार, शनिवार को एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि नामों की वर्तनी में हुई गलती और विसंगतियों से संबंधित सुनवाई 27 दिसंबर को शुरू हुई और पूरे राज्य में विद्यालयों, क्लब कक्षों और प्रशासनिक भवनों में स्थापित शिविरों में जारी रही।

उन्होंने बताया, 'चुनाव अधिकारी अब 21 फरवरी तक दस्तावेजों की जांच करेंगे। अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जानी है।' अधिकारी ने बताया कि सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के पास लंबित कोई भी दस्तावेज सोमवार तक अपलोड किए जाने चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 58 लाख नाम (मृत/दोहराव /स्थानांतरित मतदाता) ऐसे पाए गए, जिन्हें सूची से हटाना उचित समझा गया और दिसंबर में प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से बाहर रखा गया। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की अंतिम तिथि 14 फरवरी थी, जिसे बाद में निर्वाचन आयोग ने बढ़ाकर 28 फरवरी कर दिया था।

ECI का 7 अधिकारियों पर ऐक्शन

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों को गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और एसआईआर से जुड़े अधिकारी के के दुरुपयोग के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग के लिए सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

आदेशों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग के जरिए इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और इसकी जानकारी आयोग को दें।

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मंगलवार तक का समय

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव को 17 फरवरी तक उसके निर्देशों का पालन करने को कहा है, जिसमें बीएलओ को बढ़ा हुआ मानदेय देना और जारी एसआईआर के दौरान जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना शामिल है।

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