Supreme Court raps filmmaker Neeraj Pandey on film Ghooskhor Pandat title समाज के एक वर्ग को बदनाम मत कीजिए, ‘घूसखोर पंडित’ के मेकर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, India News in Hindi - Hindustan
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समाज के एक वर्ग को बदनाम मत कीजिए, ‘घूसखोर पंडित’ के मेकर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान पीठ ने मेकर्स से कहा आप ऐसा टाइटल इस्तेमाल करके समाज के एक वर्ग को क्यों बदनाम कर रहे हैं, यह नैतिकता और पब्लिक ऑर्डर के खिलाफ है। SC ने शीर्षक बदलने का निर्देश भी दिया है।

Thu, 12 Feb 2026 02:11 PMJagriti Kumari पीटीआई, नई दिल्ली
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समाज के एक वर्ग को बदनाम मत कीजिए, ‘घूसखोर पंडित’ के मेकर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट

फिल्म 'घूसखोर पंडित' के टाइटल को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फिल्म के मेकर्स को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्ममेकर नीरज पांडे को फटकार लगाते हुए कहा है कि इस तरह के टाइटल का इस्तेमाल करके समाज के एक वर्ग को बदनाम नहीं किया जा सकता है। उच्चतम न्यायालय ने यह भी कहा है कि इस तरह का शीर्षक नैतिकता और लोक व्यवस्था के खिलाफ है।

इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में मनोज बाजपेयी अभिनीत इस फिल्म की ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म जाति और धर्म आधारित स्टीरियोटाइप को बढ़ावा देती है और इससे लोक व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को खतरा है। शीर्ष अदालत में यह जनहित याचिका ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय संगठन सचिव अतुल मिश्रा ने दायर की है। उन्होंने नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली इस फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है।

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याचिका में क्या?

याचिका में कहा गया है कि फिल्म का शीर्षक और कहानी पहली नजर में आपत्तिजनक और अपमानजनक है, जो ब्राह्मण समाज को बदनाम करने वाली है। याचिका में खास तौर पर ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई गई है, जिसे जाति और धर्म से जुड़ी पहचान बताया गया है और उसके साथ 'घूसखोर' जैसे शब्द को जोड़ने को रिश्वत और नैतिक भ्रष्टाचार से जोड़ने की बात भी कही गई है।

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मेकर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और नीरज पांडे को नोटिस जारी किया है। इस दौरान पीठ ने मेकर्स को फटकार लगाते हुए कहा, “आप ऐसे शीर्षक का इस्तेमाल कर समाज के एक वर्ग को क्यों अपमानित कर रहे हैं। जब तक आप हमें बदला हुआ शीर्षक नहीं बताते, हम फिल्म को रिलीज की इजाजत नहीं देंगे।” कोर्ट ने नीरज पांडे को यह हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है कि फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ किसी भी समाज के वर्ग को अपमानित नहीं करती है।

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नेटफ्लिक्स ने किया था टाइटल रिलीज

बता दें कि ‘घूसखोर पंडित’ का निर्माण नीरज पांडे ने किया है। हाल ही में मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में नेटफ्लिक्स ने इस फिल्म की घोषणा की थी। फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।

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