Ashura Observances Begin in Saharanpur Mourning Processions and Rituals Commence मुहर्रम का चांद दिखा, इमामबाड़ों में शुरू हुई अज़ादारी, India News in Hindi - Hindustan
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मुहर्रम का चांद दिखा, इमामबाड़ों में शुरू हुई अज़ादारी

सहारनपुर में मुहर्रम का चांद दिखाई देने के साथ ही इमामबाड़ों में अज़ादारी का सिलसिला शुरू हो गया है। हिजरी सन 1448 की शुरुआत के साथ मातमी जुलूस और मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है। मौलाना हसन हैदर सादिकी ने कहा कि यह महीना इंसानियत और भाईचारे के लिए प्रेरणा है।

Wed, 17 June 2026 12:04 AMNewswrap हिन्दुस्तान, सहारनपुर
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मुहर्रम का चांद दिखा, इमामबाड़ों में शुरू हुई अज़ादारी

सहारनपुर। मुहर्रम का चांद दिखाई देने के साथ ही शहर के इमामबाड़ों में अज़ादारी का सिलसिला शुरू हो गया। हिजरी सन 1448 के आगाज़ के साथ आज बुधवार से मुहर्रम की पहली तारीख मानी जाएगी। मुहर्रम की चांद रात को इमामबाड़ों में अलम और ताज़ियों को सजाया गया तथा मातमी अंजुमनों ने जुलूस-ए-अलम निकालकर गम-ए-हुसैन का आगाज़ किया। अंजुमन इमामिया ने बड़तला अंसारियान से अलम का जुलूस निकाला, जबकि अंजुमन अकबरिया ने मोहल्ला ख्वाजा ज़ादगान स्थित दफ्तर से अलम लेकर इमामबाड़ा अंसारियान तक नौहाखानी और मातम किया। अंजुमन-ए-सोगवारे अकबरिया ने भी मातमी जत्थों के साथ इमामबाड़ा अंसारियान पहुंचकर अकीदत पेश की।

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इमामबारगाह सामानियान में आयोजित मजलिस का आगाज़ मरसिया खानी से हुआ। आसिफ अल्वी, हमज़ा ज़ैदी और सलीम आब्दी ने मरसिया पेश किया। मजलिस को खिताब करते हुए हुज्जत-उल-इस्लाम मौलाना हसन हैदर सादिकी ने कहा कि मुहर्रम का महीना करबला की कुर्बानी, इंसानियत, भाईचारे और ज़ुल्म के खिलाफ डटकर खड़े होने का पैगाम देता है। उन्होंने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की कुर्बानी को इंसानियत कभी भुला नहीं पाएगी। मुहर्रम का महीना हज़रत इमाम हुसैन और करबला के 72 शहीदों की याद में गम और अकीदत के साथ मनाया जाता है। शहर के इमामबाड़ों में मजलिसों और मातमी जुलूसों का सिलसिला शुरू हो गया है।

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