Shocking Case of Nashik TCS rape sex abuse How Six women cops went undercover to solve कैसे छह लेडी सिंघम ने खोला ‘गंदे काम’ का राज, अंडरकवर बन जुटाए सबूत, India News in Hindi - Hindustan
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कैसे छह लेडी सिंघम ने खोला ‘गंदे काम’ का राज, अंडरकवर बन जुटाए सबूत

मल्टीनेशनल कंपनी का नाम, लेकिन हरकतें ऐसी कि सुनकर सिर चकरा जाए। यहां नौकरी की आड़ में चल रहा था, धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न का खेल। मामले के खुलासे का क्रेडिट जाता है, उन छह महिला पुलिसकर्मियों पर, जिन्होंने सच्चाई बाहर लाने के लिए खुद को जोखिम में डाल दिया।

Mon, 13 April 2026 04:10 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नासिक
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कैसे छह लेडी सिंघम ने खोला ‘गंदे काम’ का राज, अंडरकवर बन जुटाए सबूत

मल्टीनेशनल कंपनी का नाम, लेकिन हरकतें ऐसी कि सुनकर सिर चकरा जाए। यहां नौकरी की आड़ में चल रहा था, धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न का खेल। आखिर भांडा फूटा तो कइयों के सिर पर गाज गिरी है। मामले के खुलासे का क्रेडिट जाता है, उन छह महिला पुलिसकर्मियों पर, जिन्होंने सच्चाई बाहर लाने के लिए खुद को जोखिम में डाल दिया। 40 दिनों तक चले इस ऑपरेशन के बाद जब सच सामने आया तो कई चौंकाने वाले राज उजागर हुए। आइए विस्तार से जानते हैं इस केस की पूरी कहानी...

चल रहा था बड़ा खेल
टीसीएस कंपनी का महाराष्ट्र में नासिक स्थित बीपीओ। कर्मचारियों ने वर्कप्लेस पर गड़बड़ियों की शिकायत शुरू की। बात एचआर तक पहुंचाई गई। शिकायतें भी ऐसी-वैसी नहीं, धर्म परिवर्तन और यौन शोषण की। जब कंपनी के अंदर सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ितों ने पुलिस तक पहुंचना शुरू किया। पहली एफआईआर में टीसीएस की महिला कर्मचारी ने अपने सीनियर्स पर रेप का गंभीर आरोप लगाया। यह केस दर्ज हुआ देवलाली पुलिस थाने में। इस पहली शिकायत की अभी जांच चल ही रही थी कि एक के बाद आठ और एफआईआर दर्ज कराई गईं। इनमें से एक तो पुरुष कर्मचारी की थी। इन सभी में सेक्सुअल हैरेसमेंट की बात कही गई थी। यह मामले मुंबई नाका पुलिस थाने में दर्ज हुए।

फिर हुई छह लेडी सिंघम की एंट्री
नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस को छह कर्मचारियों के खिलाफ पहले ही शिकायत मिली थी। लेकिन पुलिस के सामने सबसे बड़ा चैलेंज ठोस सबूत जुटाने का था। इसके बाद पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक के नेतृत्व में एक खास योजना बनाई गई। इसके लिए छह महिला पुलिस कर्मचारियों की एक टीम तैयार की गई। इन सभी महिला पुलिस कर्मचारियों को पहले कंपनी में नौकरी दिलाई गई। इनकी पहचान मध्यमवर्गीय परिवार की जरूरतमंद महिलाओं के रूप में रखी गई। नौकरी मिलने के बाद इन सभी ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।

गलत व्यवहार पर रख रही थीं नजर
इन महिला पुलिस कर्मचारियों ने यह देखना शुरू किया कि क्या आरोपी महिला कर्मचारियों के साथ वर्कप्लेस पर गलत व्यवहार कर रहा है? इस दौरान यह लोग अपने सीनियर्स के टच में रहती थीं। हर रोज ड्यूटी खत्म होने के बाद इनका काम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फीडबैक देने का होता था। इन लोगों ने ऑफिस में लगे सीसीटीवी के फुटेज भी सबूत के तौर पर सुरक्षित कर लिए। इसके बाद पुलिस के लिए इस मामले में ऐक्शन लेना आसान हो गया।

एसआईटी का गठन
इस सप्ताह की शुरुआत में, पुलिस ने आठ कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इन कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया, और मानव संसाधन विभाग ने उनकी शिकायतों पर संज्ञान नहीं लिया। पुलिस ने इस मामले में अबतक कंपनी की महिला मानव संसाधन प्रबंधक सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ रेप, यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है। अधिकारियों ने कंपनी का नाम बताए बिना कहा कि इस संबंध में कुल नौ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

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कंपनी ने क्या कहा
कंपनी ने एक बयान में कहा कि टीसीएस की उत्पीड़न और किसी भी प्रकार के दबाव के प्रति लंबे समय से कतई बर्दाश्त नहीं की नीति रही है। हमने कार्यस्थल पर अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के उच्चतम मानकों को हमेशा सुनिश्चित किया है। नासिक में हुई घटना की जानकारी मिलते ही हमने तुरंत कार्रवाई की। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दायरे में आए आरोपी कर्मचारियों को जांच प्रक्रिया पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है और आगे की कार्रवाई इस जांच के निष्कर्ष के आधार पर की जाएगी।