सभी के लिए अच्छा लेकिन...केरल का नाम बदलने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने क्या उठाया सवाल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल का नाम बदलने को लेकर सवाल उठाया है। सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखी एक पोस्ट में थरूर ने हैरानी जताई कि फिर केरलाइट का क्या होगा? थरूर का यह सवाल उस खबर के बाद आया, जिसके मुताबिक केंद्र सरकार केरल का नाम बदलकर केरलम करने पर विचार कर रही है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल का नाम बदलने को लेकर सवाल उठाया है। सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखी एक पोस्ट में थरूर ने हैरानी जताई कि फिर केरलाइट का क्या होगा? थरूर का यह सवाल मंगलवार को उस खबर के बाद आया, जिसके मुताबिक केंद्र सरकार केरल का नाम बदलकर केरलम करने पर विचार कर रही है। यह कदम केरल विधानसभा द्वारा दो बार पारित एक प्रस्ताव के तहत उठाया गया है। इसमें केंद्र से आग्रह किया गया था कि संविधान में संशोधन किया जाए ताकि राज्य का नाम आठवें अनुसूची में सूचीबद्ध सभी भाषाओं में मलयालम रूप में दर्शाया जा सके।
सभी के लिए अच्छा, लेकिन
इन मामले को लेकर तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहाकि यह सभी के लिए अच्छा है, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन हमारे बीच अंग्रेज़ी बोलने वालों के लिए एक छोटा भाषाई सवाल है। अब नए ‘केरलम’ के निवासियों के लिए, केरलाइट और केरलन शब्दों का क्या होगा? उन्होंने आगे लिखा है कि केरलमाइट तो माइक्रोब की तरह लगता है। वहीं, केरलमियन सुनकर ऐसा लगता है जैसे रेयर अर्थ मटीरियल की बात हो रही है। शशि थरूर ने अपनी पोस्ट में केरल के सीएम ऑफिस को भी टैग किया है और कहा है कि शायद मुख्यमंत्री इस चुनावी उत्साह में नए शब्दों के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित करना चाहेंगे।
क्या बोली भाजपा
वहीं, केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के विधेयक पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि नया नाम उपयुक्त होगा। उन्होंने कहाकि हम एक ऐसा राज्य बनने जा रहे हैं जो हमारी परंपराओं और संस्कृति को बहाल करने और उसकी रक्षा करने जा रहा है और साथ ही एक दूरदर्शी राज्य अर्थव्यवस्था का निर्माण भी करेगा। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि यह स्पष्ट है कि हर मलयाली बदलाव चाहता है। वह झूठ और फर्जी वादों की राजनीति को किनारे करना चाहता है और बेहतर परफॉर्मेंस वाली राजनीति लाना चाहता है।
किसने उठाई थी मांग
गौरतलब है कि केरल विधानसभा ने पूर्व में एक प्रस्ताव पास किया था। इसमें केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की मांग की गई थी। इसमें इस बात पर ध्यान देने की बात की गई थी कि इसे मलयालम में कैसे उच्चारित और लिखा जाता है। सीपीएम, कांग्रेस और बीजेपी समेत सभी दल नाम बदलने के पक्ष में हैं।
गौरतलब है कि इसी साल मई में केरल में विधानसभा चुनाव होने के आसार हैं। वहीं, केरल विधानसभा ने आधिकारिक रिकॉर्ड्स में प्रदेश का नाम बदलने का प्रस्ताव पहले ही पास कर दिया है। मुख्यमंत्री विजयन ने साल 2024 में केरल का नाम बदले जाने का प्रस्ताव दिया था।




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