Kerala name is about to change a major meeting will be held today know about its new identity अब इस नाम से जाना जाएगा केरल, बदलने वाला है नाम; क्या होगी नई पहचान, India News in Hindi - Hindustan
More

अब इस नाम से जाना जाएगा केरल, बदलने वाला है नाम; क्या होगी नई पहचान

25 जून 2024 में विधानसभा की तरफ से दूसरी बार प्रस्ताव पास किया गया था। दरअसल, पहली बार पास हुए प्रस्ताव की केंद्रीय गृहमंत्रालय ने समीक्षा की थी और कुछ तकनीकी सुधार करने की पेशकश की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि मलयालम में केरल को केरलम कहा जाता है।

Tue, 24 Feb 2026 12:21 PMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
share
अब इस नाम से जाना जाएगा केरल, बदलने वाला है नाम; क्या होगी नई पहचान

दक्षिण भारतीय राज्य केरल का नाम बदलने के आसार हैं। खबर है कि केरल में कैबिनेट की बैठक के बाद मंगलवार को राज्य का नाम केरलम करने का प्रस्ताव पास किया जा सकता है। खास बात है कि नाम बदलने का बड़ा फैसला विधानसभा चुनाव 2026 से पहले लिया जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री पिनराई विजनय ने साल 2024 में राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था।

केरल विधानसभा ने आधिकारिक रिकॉर्ड्स में राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव पहले ही पास कर दिया है। संभावनाएं जताई जा रहीं हैं कि मई से पहले राज्य में चुनाव हो सकते हैं। सीएम विजयन ने साल 2024 में नाम बदलने का प्रस्ताव दिया था। वह चाहते थे कि केंद्र सरकार देश के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में दक्षिणी राज्य का नाम केरल से बदलकर केरलम किया जाए।

25 जून 2024 में विधानसभा की तरफ से दूसरी बार प्रस्ताव पास किया गया था। दरअसल, पहली बार पास हुए प्रस्ताव की केंद्रीय गृहमंत्रालय ने समीक्षा की थी और कुछ तकनीकी सुधार करने की पेशकश की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि मलयालम में केरल को केरलम कहा जाता है।

उन्होंने कहा था, 'संविधान के पहले शेड्यूल में हमारे राज्य का नाम केरल लिखा है। यह विधानसभा केंद्र से अनुरोध करती है कि संविधान के आर्टिकल 3 के तहत इसमें संशोधन कर केरलम करने के लिए तत्काल प्रयास किए जाएं। और संविधान के 8वें शेड्यूल में शामिल सभी भाषाओं में इसे बदलकर केरलम किया जाए।'

पीएम से मुलाकात करने पहुंचेंगे

खबर है कि इस संबंध में यूनियन कैबिनेट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने जाएगा। यह बैठक सेवा तीर्थ में होने जा रही है। इससे पहले 13 फरवरी को प्रधानमंत्री के साउथ ब्लॉक में बैठक हुई थी।

सोमवार को पेश हुआ नेटिविटी कार्ड बिल

केरल में वामपंथी सरकार ने सोमवार को राज्य विधानसभा में 'नेटिविटी कार्ड' विधेयक पेश किया और इसे ऐतिहासिक और दुर्लभतम कानून बताया। राजस्व मंत्री के राजन ने विपक्षी UDF सदस्यों की अनुपस्थिति में सदन में मूल निवास संबंधी पहचान पत्र विधेयक प्रस्तुत किया। यूडीएफ ने शबरिमला सोना चोरी मामले को लेकर कार्यवाही का बहिष्कार किया था।

मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत राज्य के निवासी मूल निवास संबंधी प्रमाण पत्र जारी होने के कारण गर्व से खुद को केरलवासी घोषित कर सकेंगे। बाद में इस विधेयक को आगे की विस्तृत जांच और विचार-विमर्श के लिए विषय समिति को भेज दिया गया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:उड़ान भरते ही समंदर में क्रैश हो गया पवन हंस हेलिकॉप्टर, सवार थे 7 लोग
ये भी पढ़ें:18 महीने चला सबसे मुश्किल ऑपरेशन, टायसन ने खाई गोली; जैश का ‘इजरायल ग्रुप’ खत्म
ये भी पढ़ें:नशे में धुत DMK नेता के बेटे ने झगड़े के बाद परिवार को कार से रौंदा, एक की मौत

राज्य मंत्रिमंडल ने पिछले साल दिसंबर में राज्य में एक स्थायी, फोटो-युक्त निवास संबंधी पहचान प्रमाण पत्र शुरू करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी व्यक्ति को राज्य में अपनी पहचान या निवास स्थान साबित करने के लिए संघर्ष न करना पड़े।

इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।