भगवा 'मोदीश्री' से हरे 'जॉय बांग्ला' तक; बंगाल में चुनाव नतीजों से पहले सियासी रंग में रंगी मिठाइयां
मछली, झालमुड़ी और क्षेत्रीय अस्मिता पश्चिम बंगाल में TMC बनाम BJP की एक महीने से अधिक चली सियासी लड़ाई में कुछ ऐसे प्रतीक बन गए जिनकी उम्मीद नहीं थी। हालांकि चुनाव नतीजों से पहले कोलकाता की मिठाई की दुकानों में बन रही मिठाइयों पर भी राजनीतिक रंग चढ़ने लगा है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर महीनेभर से अधिक समय से भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच जारी सियासी जंग में इस बार मछली, झालमुड़ी और क्षेत्रीय अस्मिता जैसे मुद्दों के जरिये वोटर्स से संपर्क साधा गया। आज मतगणना के बाद विभिन्न पार्टियों के रंगों में रंगी मिठाइयों के साथ इस कड़वाहट भरे चुनावी मुकाबले के संपन्न होने की उम्मीद है।
कोलकाता की मिठाई की दुकानों पर इस बार भगवा रंग की 'मोदीश्री' और तृणमूल कांग्रेस के हरे रंग वाली ‘जॉय बांग्ला’ मिठाइयों से लेकर वाम दलों के गुलाब-स्वाद वाली लाल मिठाई ‘लाल सलाम’ तक भारी मात्रा में तैयार करके रखी गई हैं।
कोलकाता के मिठाई दुकानदारों ने बताया कि यहां भले ही किसी भी दल की सरकार बने, लेकिन सत्तारूढ़ दल और विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के ऑर्डर पहले से आने शुरू हो गए हैं।
राजनीतिक दलों के रंगों में रंगे रसगुल्ले
कोलकाता की फेमस के. सी. दास और नबीन चंद्र दास मिठाई दुकानों पर हलचल काफी बढ़ गई है। यहां के हलवाई सभी राजनीतिक दलों के रंग में रंगे हुए रसगुल्ले और राजभोग भारी मात्रा तैयार करने में जुटे हुए हैं। दोनों ब्रांड की दुकानें संचालित करने वाली वाली फर्म के डायरेक्टर धीमान दास ने बताया, ''भगवा रंग और केसर के स्वाद वाली संदेश मिठाई का नाम 'मोदीश्री' रखा गया है, जो चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोलकाता की पिछली यात्रा के दौरान उनके द्वारा इस मिठाई का स्वाद लेने से प्रेरित है।''
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी गोंधोराज (नींबू का एक प्रकार) के स्वाद वाली इसकी हरी किस्म को ‘जॉय बांग्ला’ नाम दिया गया है, जो सत्तारूढ़ पार्टी का नारा है।
धीमान दास ने कहा कि ये दुकानें मुख्य रूप से तरह-तरह के रसगुल्ला और राजभोग तैयार करेंगी, जबकि कई अन्य हलवाई विभिन्न पार्टियों के रंगों और प्रतीकों वाले अनुकूलित 'संदेश' मिठाई तैयार कर रहे हैं।
मतगणना के बाद बदलेगा रसगुल्लों का रंग
मिठाई विक्रेताओं ने कहा कि स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने अनौपचारिक रूप से उनसे मिठाई सप्लाई के बारे में बात की है, हालांकि सोमवार को मतगणना के दौरान रुझान स्पष्ट होने के बाद ही ऑर्डर को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं, कई विक्रेताओं ने सफेद रसगुल्ले तैयार कर रखे हैं, ताकि मतगणना के बाद राज्य की सत्ता में आने वाली पार्टी के रंग वाली चाशनी में उन्हें डुबोया जा सके।
दक्षिण कोलकाता में 'बेनापानी स्वीट्स' के मालिक ने कहा, “हमारे स्टॉक में सफेद रसगुल्ले हैं और मतगणना के दिन जैसा भी रुझान होगा, हम उन्हें उसी रंग की चाशनी में डुबोकर रंग देंगे।”

राजनीतिक थीम वाली मिठाइयों का स्टॉक तैयार
कोलकाता की एक और बड़ी मिठाई की दुकान, 'बलराम मलिक एंड राधारमण मलिक' के अधिकारियों ने बताया कि वे मतगणना के दिन राजनीतिक थीम वाली मिठाइयों की मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दुकान के मालिक सुदीप मलिक ने कहा, "हम लोकतंत्र का जश्न मनाने के लिए ऐसा करते हैं। मिठाइयां बंगाल और हमारी भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा हैं। हम हर मौके के लिए खास तरह की मिठाइयां बनाते है तो फिर चुनाव के लिए क्यों नहीं करेंगे?"
बर्धमान में, मशहूर 'बी.सी. रोड' पर मौजूद मिठाइयों की दुकानों में इन दिनों केसरिया और हरे दोनों रंगों के रसगुल्ले और संदेश बेचे जा रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक, यह राज्य में चल रहे ‘फिफ्टी-फिफ्टी’ के राजनीतिक माहौल को दिखाता है।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा की 293 सीटों के परिणाम सोमवार को घोषित किए जाएंगे। राज्यभर के 77 मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना जारी है। यहां कि फाल्टा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान कराया जा जाएगा और इस सीट पर 24 मई को मतगणना होगी।




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