युद्ध के बीच दुर्लभ नजारा, भारत का संकट मिटाने एक ही पोर्ट पहुंचे रूस और US के तेल जहाज
इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मंगलुरु भारत की सबसे बड़ी भूमिगत LPG भंडारण सुविधा का घर है, जो सितंबर 2025 में चालू हुई थी। समुद्र तल से 225 मीटर नीचे स्थित इस भंडारण सुविधा की क्षमता 80000 मीट्रिक टन है।

भारत में जारी ईंधन संकट के बीच एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला। देश के सबसे बड़े अंडरग्राउंड LPG यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस स्टोरेज पर अमेरिका और रूस दोनों के जहाज LPG और कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचे हैं। खास बात है कि रूसी तेल को लेकर भारत और अमेरिका के बीच तनाव पैदा हो गया था। वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज फंसने के चलते देश में गैस की किल्लत शुरू हो गई थी।
अमेरिका और रूस से आए जहाजों ने न्यू मंगलौर बंदरगाह पर दस्तक दी है। पीटीआई भाषा को अधिकारियों ने बताया कि 'पिक्सिस पायनियर' नामक यह जहाज 14 फरवरी को टेक्सास के 'पोर्ट ऑफ नीदरलैंड' से रवाना हुआ था और इसमें 16,714 टन LPG लाई गई है, जिसे एजिस लॉजिस्टिक्स को उतारा जाएगा। यह जहाज एक दिन के भीतर बंदरगाह पहुंचने वाले रूसी जहाज 'एक्वा टाइटन' के बाद आया है।
रूसी जहाज की एंट्री
एक दिन पहले 'एक्वा टाइटन' नाम का कच्चे तेल का एक रूसी जहाज, जो पहले चीन जा रहा था, कुछ दिन पहले भारत की ओर मोड़ दिया गया था। यह जहाज शनिवार शाम मंगलुरु तट के पास पहुंचा, जिसमें करीब 7.7 लाख बैरल कच्चा तेल था। बताया जा रहा है कि इस कच्चे तेल को समुद्र में बनी पाइपलाइन के जरिये मंगलुरु रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) तक पहुंचाया जा रहा है।
सरकार के उपाय
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने 14 मार्च से 31 मार्च तक न्यू मंगलुरु पोर्ट पर क्रूड और LPG के लिए कार्गो से जुड़े शुल्क माफ करके इन ऑपरेशन को आसान बनाया है, जिससे आयात गतिविधि बढ़ने के बीच संचालन आसान हो गया है। अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की है कि चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद फारस की खाड़ी में भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं।
रूसी टैंकर्स ने बदले रास्ते
मीडिया रिपोर्ट्स में वोर्टेक्सा के डेटा के हवाले से बताया जा रहा है कि एक्वा टाइटन समेत कम से कम 7 टैंकरों ने चीन यात्रा के दौरान बीच मेंरास्ता बदला है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, बीते सप्ताह शिपिंग मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने कहा था कि एक्वा टाइटन MRPL की तरफ से चार्टर्ड किया गया था और इसके न्यू मंगलुरु बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद थी।
क्यों अहम
इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मंगलुरु भारत की सबसे बड़ी भूमिगत LPG भंडारण सुविधा का घर है, जो सितंबर 2025 में चालू हुई थी। समुद्र तल से 225 मीटर नीचे स्थित इस भंडारण सुविधा की क्षमता 80000 मीट्रिक टन है।




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