सोने-चांदी के बर्तन, गहने, पैसा; ईरान की मदद के लिए कश्मीर के लोगों ने दिया दान
अमेरिका के साथ जंग में उलझे ईरान के लिए कश्मीर समेत भारत के लोग मदद के लिए आगे आए हैं। बड़गाम में एक मस्जिद में स्थानीय लोगों ने दान केंद्र लगाया, जहां पर महिलाओं, लोगों ने गहने, सोने,चांदी, तांबे के बर्तन,पैसों के जरिए ईरान की मदद करने की कोशिश की।

अमेरिका और इजरायल के साथ जंग में उलझे ईरान की मदद के लिए कश्मीर के लोग आगे आए हैं। केंद्र शासित प्रदेश के जिले बडगाम में स्थानीय लोगों ने एक मस्जिद में दान केंद्र बनाया, जहां पर समुदाय के सदस्यों ने आकर अपनी क्षमता के अनुसार दान किया। कई लोग सोने-चांदी के बर्तन, गहने, सादा बर्तन, पैसे लेकर पहुंचे और उन्हें ईरान की मदद के लिए दान कर दिया। एएनआई के मुताबिक, बड़गाम की मस्जिद इमाम जमान में कई लोगों ने तेहरान की मदद के लिए दान दिया। कई महिलाओं ने अपने कानों की बालियां, घर में पुराने रखे सोने के बर्तन, कप, चाय के मग जैसे सामान का भी दान किया।
स्थानीय निवासी मोहसिन अली ने इस दान कार्यक्रम को लेकर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "इस दान केंद्र को बनाने का हमारा मकसद ईरान की मदद करना है। यहां से हमारी मां, बहनों ने अपना जेवर दिया है, उससे हम ईरान की आर्थिक मदद करना चाहते हैं। क्योंकि अभी यह हमारे हाथ में नहीं है कि हम ईरान में जाकर शहादत हासिल कर सकें या जान दे सकें, इसलिए अभी हम केवल आर्थिक तौर पर ईरान की मदद कर रहे हैं।"
जालिम के खिलाफ लड़ रहा ईरान: स्थानीय निवासी
अली ने कहा, "ईरान, जालिम के खिलाफ कमजोरों की मदद कर रहा है। ऐसे में अगर हम ईरान की मदद करते हैं, तो यह कमजोरों की मदद करना है। हमारी शिक्षा है कि जालिम के खिलाफ खड़े हो जाओ। इसलिए हम यहां उनकी मदद करने के लिए खड़े हुए हैं। ताकि वह वहां से जालिम को भगा सके।"
भारत में ईरान की एम्बेसी ने कहा-धन्यवाद
कश्मीर में ईरान के लिए किए जा रहे दान को देश में मौजूद ईरानी एम्बेसी ने भी सहारा। एक पोस्ट को रिपोर्ट करते हुए ईरानी एम्बेसी के आधिकारिक चैनल से भारत को धन्यवाद कहा गया। आपको बता दें, कुछ दिन पहले ही ईरान की एम्बेसी की तरफ से भारत में ईरान के लिए दान करने की मुहिम शुरू की गई थी। इसके बाद हजारों लोगों ने पैसा दान किया था।
इससे पहले, 28 फरवरी से पश्चिम एशिया में जारी जंग का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है। होर्मुज के बंद होने के बाद दुनिया ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। अमेरिका और इजरायल मिलकर लगातार तेहरान और बड़े ईरानी शहरों पर बम बरसा रहे हैं, तो ईरान भी पलटवार कर रहा है। दोनों तरफ से जारी यह संघर्ष अब परमाणु युद्ध की तरफ आगे बढ़ रहा है। पिछले मंगलवार को जब इजरायल और अमेरिका की तरफ से बरसाईं गई मिसाइलें ईरान के परमाणु केंद्र नतांज से जाकर टकराई, तो इसका बदला लेते हुए ईरान ने इजरायल के परमाणु केंद्र पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला कर दिया। हालांकि, दोनों केंद्र ही सुरक्षित रहे और किसी भी प्रकार के रेडिएशन का खतरा सामने नहीं आया।
हाल में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का समय दिया है। हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति ने बिना शर्त आत्मसमर्पण या समझौता करने से साफ इनकार कर दिया है। ऐसे में संभावना बढ़ गई है कि यह युद्ध और भी ज्यादा लंबा खिंच सकता है।




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