Ritabrata Banerjee Big Hint on TMC Rebels Claim about Abhishek Banerjee टीएमसी में अभी और होगी बगावत, ऋतब्रत का बड़ा दावा; एक बड़ा खुलासा भी किया, India News in Hindi - Hindustan
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टीएमसी में अभी और होगी बगावत, ऋतब्रत का बड़ा दावा; एक बड़ा खुलासा भी किया

टीमएसी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने शनिवार को टीएमसी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि कई अन्य नेता भी आने वाले दिनों में पार्टी से बगावत कर सकते हैं।

Sat, 6 June 2026 05:19 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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टीएमसी में अभी और होगी बगावत, ऋतब्रत का बड़ा दावा; एक बड़ा खुलासा भी किया

टीमएसी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने शनिवार को टीएमसी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि कई अन्य नेता भी आने वाले दिनों में पार्टी से बगावत कर सकते हैं। ऋतब्रत ने टीएमसी में मची उठापटक के लिए ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आगे यह भी कहाकि फिलहाल 61 विधायक हमारे साथ हैं। आने वाले समय में बागियों की संख्या में और इजाफा होगा और कुछ अन्य लोग भी हमारे साथ आ सकते हैं।

ममता बनर्जी की पार्टी के लिए बड़ी चुनौती
ऋतब्रत बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी के 80 में से 60 विधायकों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनके नाम पर मुहर लगाई है। फिलहाल यह मामला ममता बनर्जी की पार्टी के लिए यह बहुत बड़ी चुनौती बन चुका है। न्यूज 18 के मुताबिक ऋतब्रत ने ममता बनर्जी की आलोचना करने से परहेज किया। लेकिन उन्होंने उनके भतीजे अभिषेक को पार्टी के भीतर विद्रोह के लिए वजह बताया। उन्होंने कहाकि हालिया विधानसभा चुनाव में टीएमसी की करारी हार हुई थी। लेकिन ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर छह मई को बुलाई गई बैठक में अभिषेक बनर्जी को स्टैंडिंग ओवेशन देने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया।

हम मजबूर थे
ऋतब्रत ने बताया कि इस बैठक में कहा गया कि टीएमसी यह चुनाव हारी नहीं है। वहीं, सभी से अभिषेक बनर्जी को स्टैंडिंग ओवेशन देने को कहा गया। उन्होंने कहाकि हम पूछ सकते थे कि आप कहां थे? लेकिन हमारे अंदर इतना साहस या क्षमता नहीं थी कि हम ऐसा कर पाएं। मजबूरी में मैं भी खड़ा हुआ, लेकिन यह दिल दिया गया स्टैंडिंग ओवेशन नहीं था। ऋतब्रत ने आरोप लगाया कि टीएमसी विधायकों से एक लेटर पर साइन करने के लिए कहा गया, जिससे साबित हो कि वह 6 मई को बैठक में मौजूद थे। इस अटेंडेंस रिकॉर्ड में उन सांसदों के भी नाम शामिल थे, जो इस दौरान मौजूद नहीं थे।

मामले में नया मोड़
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस विधायक दल के नेतृत्व को लेकर चल रही लड़ाई में शनिवार को उस वक्त एक नया मोड़ आया जब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई पार्टी विधायकों की दो बैठकों से जुड़े कथित दस्तावेज सोशल मीडिया पर सामने आए। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने उनकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। ये दस्तावेज छह मई और 19 मई को हुई बैठकों से संबंधित बताए जा रहे हैं। वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल की हार के बाद सदन में विपक्षी नेतृत्व पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष तेज हो गया है। दस्तावेजों के अनुसार, छह मई को 30बी हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर हुई बैठक में 67 विधायक शामिल हुए थे। रिकॉर्ड में विधायकों के हस्ताक्षर, उनके निर्वाचन क्षेत्रों के नाम और तारीख दर्ज हैं।

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ताजा विवाद ने विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल में पैदा हुई गहरी फूट को और बढ़ा दिया है, जहां दोनों गुट एक-दूसरे की वैधता को चुनौती दे रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा रिताब्रता बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दिए जाने के फैसले को लेकर ममता बनर्जी खेमे ने पहले ही कानूनी और राजनीतिक चुनौती दी है, जबकि जाली हस्ताक्षरों के आरोपों ने मामले में एक और जांच की राह खोल दी है।