शुभेंदु सरकार बनते ही बंगाल में बुलेट ट्रेन का ऐलान, दिल्ली से सिलीगुड़ी सिर्फ इतने समय में पहुंचाएगी
Bengal Bullet Train: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट बंगाल के लिए प्रस्तावित है। यह दिल्ली से सिलीगुड़ी को वाया लखनऊ, वाराणसी, पटना जोड़ेगा। बुलेट ट्रेन से सिर्फ छह घंटे का ही समय लेगा।

Bengal Bullet Train Project: पश्चिम बंगाल में पिछले महीने ही पहली बार भाजपा सरकार बनी है। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में चल रही बंगाल सरकार को लेकर बड़े-बड़े ऐलान हो रहे हैं। शनिवार को पश्चिम बंगाल में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन का उद्देश्य समय में कमी लाना है। ये हाई स्पीड कॉरिडोर सिलीगुड़ी को नई दिल्ली से सिर्फ छह घंटे में जोड़ देगा।
अश्विनी वैष्णव ने कहा, ''बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट बंगाल के लिए प्रस्तावित है। यह दिल्ली से सिलीगुड़ी को वाया लखनऊ, वाराणसी, पटना जोड़ेगा। बुलेट ट्रेन से सिर्फ छह घंटे का ही समय लेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को घोषणा की कि अगले पांच वर्ष में कोलकाता मेट्रो के लिए नई पीढ़ी की 60 ट्रेन शुरू की जाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य में 'डबल इंजन' सरकार बनने पर पश्चिम बंगाल की रेलवे परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।
राज्य सचिवालय नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि कोलकाता मेट्रो नेटवर्क के केवल 28 किलोमीटर हिस्से का निर्माण 42 वर्षों में पूरा हुआ था, जबकि 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से 45 किलोमीटर नयी मेट्रो लाइन जोड़ी गई हैं। उन्होंने कहा, ''अगले पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के लिए नई पीढ़ी की 60 ट्रेन शुरू की जाएंगी। आज मैंने कोलकाता मेट्रो में यात्रा की। हम इसका कायाकल्प करेंगे।''
शुभेंदु ने बंगाल में रेलवे परियोजनाएं के लिए जमीन सौंपने की घोषणा की
वहीं, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं लागू की जाएंगी। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ बैठक के बाद जिला अधिकारियों को इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि रेलवे को सौंपने की टाइम टेबल तैयार करने का निर्देश दिया। राज्य की विभिन्न परियोजनाओं पर बैठक से पहले नबान्न सभागार में वैष्णव के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य और केंद्र के बीच संबंधों में सुधार हुआ है, जिससे रेलवे परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन का रास्ता साफ हुआ है।
उन्होंने कहा, ''पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य और केंद्र के बीच टकराव की स्थिति थी। इसके कारण बंगाल में रेलवे विकास लगभग ठप हो गया था। सरकार बदलने के साथ ही यह समस्या दूर हो जाएगी।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लिए लगभग एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं प्रस्तावित हैं और राज्य के प्रत्येक जिले को रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल के हर जिले को रेलवे विस्तार के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इन परियोजनाओं से आम लोगों को लाभ मिलेगा और पूरे राज्य में संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।'' अधिकारी ने जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वे एक समय-सीमा तैयार करें, जिसमें यह स्पष्ट हो कि रेलवे परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि कब तक रेलवे को सौंपी जा सकती है ताकि परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी न हो।
बंगाल सरकार की पहल का वैष्णव ने किया स्वागत
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग से रेलवे अवसंरचना विकास की गति तेज होगी। वैष्णव ने कहा, ''भूमि अधिग्रहण और विभिन्न मंजूरियों से जुड़े मामलों में राज्य सरकार का सहयोग हमें परियोजनाओं को कहीं अधिक तेजी से पूरा करने में मदद करेगा। हम रेल संपर्क का विस्तार करने और चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' बैठक में पश्चिम बंगाल में चल रही रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा भूमि अधिग्रहण और परियोजनाओं की स्वीकृतियों से संबंधित अड़चनों को दूर करने के उपायों पर चर्चा हुई।




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