Rajnath Singh commissioned indigenous nuclear-powered submarine INS Aridaman into Indian Navy थर-थर कापेंगे दुश्मन; INS अरिदमन नौसेना बेड़े में शामिल, जानिए खासियत, India News in Hindi - Hindustan
More

थर-थर कापेंगे दुश्मन; INS अरिदमन नौसेना बेड़े में शामिल, जानिए खासियत

इस कमीशनिंग से भारत की सामरिक समुद्री क्षमताओं में खास वृद्धि हुई है। राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल शब्द नहीं, बल्कि शक्ति है। साथ ही उन्होंने फ्रिगेट तारागिरी को भी नौसेना में शामिल किया।

Fri, 3 April 2026 05:26 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
थर-थर कापेंगे दुश्मन; INS अरिदमन नौसेना बेड़े में शामिल, जानिए खासियत

भारतीय नौसेना को अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु शक्ति वाली पनडुब्बी मिल गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को विशाखापट्टनम में INS अरिदमन को भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल कर दिया। यह अरिहंत श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी है, जिसे प्रोजेक्ट ATV के तहत विशाखापट्टनम में स्वदेशी रूप से तैयार किया गया है। इस कमीशनिंग से भारत की सामरिक समुद्री क्षमताओं में खास वृद्धि हुई है। राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल शब्द नहीं, बल्कि शक्ति है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:‘हां, दबाव में काम कर रहे थे’, राघव चड्ढा पर बोले पंजाब के सीएम भगवंत मान

आज फ्रिगेट तारागिरी को भी नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। तारागिरी का शामिल होना ऐसे समय में हुआ है जब भारत के पूर्वी समुद्री तट की सामरिक और समुद्री अहमियत लगातार बढ़ रही है। यह क्षेत्रीय सुरक्षा की बदलती गतिशीलता और इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती भागीदारी के कारण हो रहा है। तारागिरी का कमीशन भारतीय नौसेना के बेड़ा विस्तार कार्यक्रम के तहत अपनी लड़ाकू तैयारियों को मजबूत करने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है। प्रोजेक्ट 17A श्रेणी की चौथी शक्तिशाली प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी मात्र एक जहाज नहीं, बल्कि 6,670 टन वजनी मेक इन इंडिया की भावना और हमारे स्वदेशी शिपयार्ड्स की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कांग्रेस और कम्युनिस्टों ने लोगों को बेवकूफ बनाया, केरल चुनावों पर रिजिजू

फ्रिगेट तारागिरी की खासियतें

मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) की ओर से निर्मित यह फ्रिगेट पुरानी डिजाइनों की तुलना में बड़ी छलांग है। इसमें अधिक सुडौल आकार और काफी कम रडार क्रॉस-सेक्शन है, जो इसे घातक स्टेल्थ के साथ ऑपरेट करने की क्षमता मुहैया कराते है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है, जो घरेलू औद्योगिक इकोसिस्टम की परिपक्वता को दर्शाती है। इस प्रोजेक्ट में 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) योगदान दे रहे हैं, जो सरकार की आत्मनिर्भरता पहल को समर्थन देते हैं और हजारों भारतीयों को रोजगार देते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:वोटिंग वाले दिन मिलेगा पेड हॉलिडे, नहीं कटेगी सैलरी; चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान

तारागिरी एक आधुनिक युद्धपोत है जो CODOG (कॉम्बाइंड डीजल ऑर गैस) प्रोपल्शन सिस्टम से चलता है। यह हाई स्पीड और लंबी दूरी के समुद्री अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी विश्व स्तरीय हथियार प्रणाली में सुपरसोनिक सतह से सतह मिसाइलें, मीडियम रेंज सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और उन्नत एंटी-सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम शामिल हैं। ये सभी हथियार अत्याधुनिक कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम से पूरी तरह लैश हैं, जिससे क्रू खतरों का तुरंत और प्रभावी जवाब दे सकता है। समुद्र का शिकारी होने के अलावा, तारागिरी कूटनीतिक मिशनों और मानवीय सहायता व आपदा राहत (HADR) कार्यों के लिए भी पूरी तरह सक्षम है। इसका लचीला मिशन प्रोफाइल इसे युद्ध से लेकर शांति अभियानों तक हर भूमिका के लिए कारगर बनाता है।