वोटिंग वाले दिन मिलेगा पेड हॉलिडे, नहीं कटेगी सैलरी; चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान
चुनाव आयोग ने आगे कहा कि इस तरह की सवैतनिक छुट्टी के कारण सैलरी में कोई कटौती नहीं की जाएगी। जो भी नियोक्ता इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।

चुनाव आयोग ने शुक्रवार को ऐलान किया है कि आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के मतदान के दिनों में, दिहाड़ी और कैज़ुअल कर्मचारियों सहित सभी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश (पेड हॉलिडे) का अधिकार होगा। इसके तहत अगर कोई चुनाव वाले दिन वोट डालने के लिए छुट्टी लेता है तो उसकी सैलरी नहीं कटेगी। एक प्रेस नोट में, चुनाव आयोग ने कहा, "लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135B के अनुसार, किसी भी व्यवसाय, व्यापार, औद्योगिक उपक्रम, या किसी अन्य प्रतिष्ठान में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति, जो लोकसभा या किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा के चुनाव में, अथवा किसी संसदीय क्षेत्र (PC)/विधानसभा क्षेत्र (AC) के उपचुनाव में मतदान करने का हकदार है, उसे मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा।"
इस घोषणा में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के चुनाव और छह राज्यों - गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा - की आठ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव शामिल हैं। मतदान 9 अप्रैल को असम, केरल, पुडुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में; 23 अप्रैल को तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल (पहला चरण) तथा 29 अप्रैल (दूसरा चरण) को होगा। आयोग ने आगे कहा कि मतदान के दिन सैलरी में कोई कटौती नहीं की जाएगी, और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
बयान में आगे कहा गया, "इस तरह की सवैतनिक छुट्टी के कारण सैलरी में कोई कटौती नहीं की जाएगी। जो भी नियोक्ता इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।" आयोग ने आगे स्पष्ट किया, “ऐसे मतदाता (जिनमें कैज़ुअल और दिहाड़ी मजदूर भी शामिल हैं) जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर स्थित औद्योगिक या व्यावसायिक संस्थानों में काम कर रहे हैं या कार्यरत हैं, लेकिन उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के तौर पर पंजीकृत हैं जहां चुनाव होने वाले हैं, वे भी चुनाव के दिन सवैतनिक छुट्टी के हकदार होंगे, ताकि वे अपना वोट डाल सकें।”
चुनाव आयोग ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को भी इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बयान में आगे कहा गया, "संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी मतदाता स्वतंत्र रूप से और आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।" इस बीच, आगामी विधानसभा और उपचुनावों के नतीजे 4 मई, 2026 को घोषित किए जाने का कार्यक्रम है।




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