Punjab CM Bhagwant Mann on action on Raghav Chadha Says he is compromised ‘हां, दबाव में काम कर रहे थे’, राघव चड्ढा पर बोले पंजाब के सीएम भगवंत मान, India News in Hindi - Hindustan
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‘हां, दबाव में काम कर रहे थे’, राघव चड्ढा पर बोले पंजाब के सीएम भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को पार्टी सहयोगी एवं राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा की आलोचना करते हुए कहाकि वह दबाव में काम कर रहे थे। उन्होंने आप आदमी पार्टी (आप) के रुख के विपरीत काम किया है।

Fri, 3 April 2026 04:36 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, चंडीगढ़
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‘हां, दबाव में काम कर रहे थे’, राघव चड्ढा पर बोले पंजाब के सीएम भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को पार्टी सहयोगी एवं राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा की आलोचना करते हुए कहाकि वह दबाव में काम कर रहे थे। उन्होंने आप आदमी पार्टी (आप) के रुख के विपरीत काम किया है। मान ने कहाकि अगर चड्ढा पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाने जैसे मुद्दों पर बोलने को तैयार नहीं हैं, महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद से बहिर्गमन नहीं करते हैं या गुजरात में कई ‘आप’ कार्यकर्ताओं और नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज नहीं उठाते हैं, तो यह पार्टी के रुख से अलग होना है।

पीएम मोदी से डरते हैं
मुख्यमंत्री यहां एक संवाददाता सम्मेलन में राघव चड्ढा के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। राज्यसभा सदस्य चड्ढा ने सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के एक दिन बाद कहाकि मुझे चुप कराया गया है, लेकिन मैं पराजित नहीं हुआ हूं। आप ने चड्ढा पर पलटवार करते हुए शुक्रवार को उन पर संसद में केंद्र के खिलाफ मुद्दे उठाने से कतराने और इसके बजाय अपने प्रचार-प्रसार के लिए काम करने का आरोप लगाया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने चड्ढा की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या ऐसा कोई व्यक्ति जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से डरता है, देश के लिए लड़ सकता है। मान से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि चड्ढा ‘दबाव में काम कर रहे थे,’ तो जवाब में उन्होंने कहा,‘हां’।

नेताओं को बदलना असामान्य नहीं
मुख्यमंत्री ने कहाकि संसद में दलों द्वारा अपने नेताओं को बदलना कोई असामान्य बात नहीं है। राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से चड्ढा को हटाए जाने के सवाल पर मान ने कहाकि जब मैंने पहली बार चुनाव जीता (2014 में संगरूर लोकसभा से), तो डॉ. (धर्मवीर) गांधी (तत्कालीन आप सांसद, जो अब कांग्रेस में हैं) को पार्टी के संसदीय बोर्ड का नेता बनाया गया था। बाद में, मैंने भी इस पद पर कार्य किया। इसलिए, पार्टी इस तरह के फैसले लेती रहती है।

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मान ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहाकि जब हम लोकसभा या राज्यसभा में विपक्ष के सदस्य के रूप में बैठते हैं, तो कई निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते हैं, जैसे कि सदन से बहिर्गमन का फैसला। लेकिन अगर कोई पार्टी की नीति से परे जाता है या निर्देश का पालन नहीं करता है, तो यह पार्टी व्हिप का उल्लंघन है। यदि आप पार्टी व्हिप के विरुद्ध जाते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।